Site icon Khabribox

18 अक्टूबर: धनतेरस आज, की जाती है धनवंतरि भगवान व मां लक्ष्मी की पूजा, जानें कथा व‌ शुभ मुहूर्त

आज 18 अक्टूबर 2025 है। आज धनतेरस है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, धनतेरस का पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाते हैं। इसी तिथि पर भगवान धन्वंतरि सोने के कलश के साथ प्रकट हुए थे। साथ ही त्रयोदशी के दिन ही आयुर्वेद के देवता धन्वंतरि जी की जयंती भी मनाई जाती है। धनतेरस के अवसर पर माता लक्ष्मी, धनपति कुबेर, देवताओं के वैद्य धन्वंतरि की पूजा करते हैं। धनतेरस पर लोग सोना, सोने के आभूषण, चांदी, चांदी के सिक्के, नई गाड़ी, पीतल के बर्तन आदि खरीदते हैं।

जाने क्यों की जाती है धनवंतरि की पूजा
ऐसी मान्यता है कि जब समुद्र मंथन हो रहा था तब सागर की अतल गहराइयों से चौदह रत्न निकले थे । धनवंतरि इन्हीं रत्नों मे से एक हैं । जब देवता और दानव मंदार पर्वत को मथनी बनाकर वासुकी नाग की मदद से समुद्र का मंथन कर रहे थे, तब 13 रत्नों के बाद कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को 14वें रत्न के रूप में धनवंतरि सामने आए । वो अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे । धनवंतरि के प्रकट होते ही देवताओं और दानवों का झगड़ा शुरू हो गया । अमृत कलश के लिए देवताओं और दानवों के बीच छीना-झपटी शुरू हो गई । लेकिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धरकर अमृत कलश हासिल कर लिया। धनवंतरि अमृत यानी जीवन का वरदान लेकर प्रकट हुए थे और आयुर्वेद के जानकार भी थे, इसलिए उन्हें आरोग्य का देवता माना जाता है । वैसे तो धन और दौलत की देवी लक्ष्मी देती हैं लेकिन उनकी कृपा पाने के लिए सेहत और लंबी आयु की जरूरत होती है । यही वजह है कि धनतेरस के मौके पर धनवंतरि की पूजा की जाती है । धनवंतरि देवताओं के वैद्य हैं और चिकित्सा के देवता माने जाते हैं । इसलिए चिकित्सकों के लिए धनतेरस का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है । माना जाता है कि अगर धनतेरस की शाम में आंगन में यम देवता के नाम पर दीप जलाया जाए तो तो अकाल मृत्यु का भय मिटता है । वहीँ कुछ जानकारों का कहना है कि अगर धनतेरस के दिन महामृत्युंजय और नारायण मंत्र को सिद्ध कर लिया जाए तो विपत्तियों से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है।

यह रहेगा शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर, शनिवार की दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी और इस तिथि का समापन 19 अक्टूबर, रविवार की दोपहर 1 बजकर 51 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार 18 अक्टूबर को धनतेरस मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा करके उनसे सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। धनतेरस का शुभ मुहूर्त 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से शुरू होगा और उस मुहूर्त का समापन 19 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे समाप्त होगा। इस दिन कई सारे शुभ कार्यों और अनुष्ठान किए जाते हैं। वहीं, इस दिन कुछ शुभ चीजें खरीदना बहुत ही लाभकारी माना जाता है।

करें भगवान धन्वंतरि की पूजा

इस दिन लोग भगवान ‘धन्वंतरि’ और ‘मां लक्ष्मी’ की पूजा की करते हैं।धनतेरस के सुअवसर पर भगवान धन्वंतरि की पूजा के लिए उनकी तस्वीर पूर्व में स्थापित करें। इस दौरान भगवान कुबेर का जाप करें। हाथ में जल लेकर तीन बार आचमन कर भगवान धन्वंतरि का ध्यान करें। तस्वीर पर रोली, अक्षत, पुष्प, जल, दक्षिणा, वस्त्र, कालवा, धूप और दीप अर्पित करें।

Exit mobile version