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फूलैरा दूज कल, जब श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के संग खेली थी फूलों की होली, वृंदावन समेत पूरे ब्रज में रहता है उत्सव

आज फूलैरा दूज की जानकारी देंगे। होली की शुरुआत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से होती है। जिस दिन फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है। फुलेरा दूज फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के संग फूलों की होली खेली थी। इसलिए इस दिन फुलेरा दूज का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर ब्रज के मंदिरों में खास रौनक देखने को मिलती है और मंदिरो को फूलों से सुंदर तरीके से सजाया जाता है। इस पर्व के दिन मथुरा और वृंदावन समेत पूरे ब्रज में बेहद उत्साह रहता है।

शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत 18 फरवरी को दोपहर 04 बजकर 57 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 19 फरवरी को दोपहर 03 बजकर 58 मिनट पर होगी। ऐसे में 19 फरवरी को फुलेरा दूज मनाई जाएगी।
सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 56 मिनट पर
सूर्यास्त – शाम 06 बजकर 14 मिनट पर
चन्द्रोदय- सुबह 07 बजकर 54 मिनट पर
चन्द्रास्त- रात 08 बजकर 11 मिनट पर
ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक
अमृत काल – दोपहर 1 बजे 40 मिनट से 02 बजकर 34 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 13 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 12 मिनट से 06 बजकर 37 मिनट तक

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