Site icon Khabribox

पिथौरागढ़: पर्यटकों की राह में बदहाल सड़कें बनीं मुसीबत..पर्यटकों की आवाजाही हुई कम

मिनी कश्मीर कहे जाने वाले सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। जिला मुख्यालय से लेकर धारचूला, मुनस्यारी तक कुदरत की मनमोहक सुंदरता का हर कोई कायल है।

सड़कों की दुर्दशा देख पर्यटक आने से कतरा रहे हैं:

प्राकृतिक सुंदरता पर्यटन के लिहाज से भी लोगों के लिए रोजगार का बेहतर जरिया साबित हो सकता है, लेकिन यहां की बदहाल सड़कें पर्यटकों की राह में रोड़ा डालने का काम कर रही हैं। जगह-जगह सड़कों की दुर्दशा देख पर्यटक यहां आने से कतरा रहे हैं। कई दफा तो पर्यटक सफर छोड़ आधे रास्ते से ही वापस लौटने को मजबूर हुए हैं।

प्रतिवर्ष पर्यटकों की संख्या में आ रही कमी:

जनपद में प्रतिवर्ष पर्यटकों की संख्या में कमी आ रही है। वर्ष 2020 के बाद यहां पर्यटकों की संख्या दो लाख से घटकर 53 हजार पहुंच गई है। विदेशी नागरिक भी जो यहां पूर्व में बड़ी संख्या में आते थे। अब दहाई के आंकड़े में सीमित होकर रह गए हैं।

पर्यटकों की आवाजाही कम होने से कारोबार में प्रभाव पड़ा:

एक वर्ष के दौरान महज 73 विदेशी पर्यटक ही यहां पहुंचे हैं। पर्यटकों की कम दिलचस्पी के पीछे बड़ी वजह यहां की सड़कें हैं। पर्यटकों की आवाजाही कम होने का सीधा असर यहां के पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है।

Exit mobile version