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पीएम नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे में दूसरी बार देशवासियों से की भावुक अपील, बोले- ‘ईंधन बचाएं, सोना टालें’, बताया दशक का सबसे बड़ा खतरा

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से संसाधनों के संरक्षण की पुरजोर अपील की है।

की यह अपील

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए खास अपील की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा से स्पष्ट किया कि दुनिया इस वक्त एक बड़े संकट से गुजर रही है, जिसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। जिस पर प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने का आग्रह किया है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार और देश के संसाधनों पर दबाव कम किया जा सके।

मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर दिया जोर

• ​ईंधन की बचत: पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल कम से कम करें। कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा दें।
• ​सोने के आयात पर रोक: पीएम ने कहा कि सोने की खरीद पर देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश चला जाता है। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि जब तक हालात सामान्य न हो जाएं, तब तक सोने की गैरजरूरी खरीदारी को टाल दें।
• ​वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल तकनीक: सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में वर्चुअल मीटिंग्स और ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है ताकि आवाजाही कम हो और ईंधन बचे।
• ​वोकल फॉर लोकल: विदेशी सामान के बजाय स्थानीय उत्पादों को अपनाकर भारतीय उद्यमियों को सशक्त बनाने की अपील की गई।

​कहा- कोविड के बाद यह दशक का सबसे बड़ा संकट’

​दुनिया की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोविड महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी, तो पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई परिस्थितियां इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक हैं। सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है और आयातित वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जिस तरह देश ने एकजुट होकर कोरोना का सामना किया था, उसी तरह आज फिर हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “हर एक बूंद से घड़ा भरता है”, इसलिए हर छोटा प्रयास मायने रखता है।

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