देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की ऐतिहासिक घोषणा की है।
किया यह ऐलान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन इस निर्णय का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। जस्टिस देसाई इससे पहले उत्तराखंड के UCC ड्राफ्ट को तैयार करने वाली समिति का भी नेतृत्व कर चुकी हैं। जस्टिस देसाई की अध्यक्षता वाली इस समिति में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
• एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी
• एक विधि विशेषज्ञ
• एक शिक्षाविद
• एक समाजसेवी
• राज्य प्रशासन के एक अतिरिक्त सचिव (जो सदस्य सचिव के तौर पर प्रशासनिक कार्य संभालेंगे)
दी यह जानकारी
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह समिति 4 हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। 2 जुलाई को कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद अगस्त में विधानसभा के विस्तारित सत्र के दौरान इसे विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा। राज्य सरकार इस कानून को गुजरात UCC विधेयक 2026, असम और उत्तराखंड के मॉडल की तर्ज पर तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड और गुजरात मॉडल की तरह ही, बंगाल में भी राज्य के आदिवासी, मूल निवासी, कुड़मी और अन्य आधिकारिक मान्यता प्राप्त जनजातीय समुदायों को प्रस्तावित कानून के दायरे से छूट दी जाएगी।