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राष्ट्रपति कोविंद ने ‘कैच द रेन’ अभियान का किया शुभारंभ

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने मंगलवार को देश में जल संरक्षण की मुहिम को मजबूती देने के लिए ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ यानी वर्षा जल का संरक्षण अभियान 2022 का शुभारंभ किया और राष्ट्रीय जल पुरस्कार वितरण समारोह को सम्बोधित किया।

पृथ्वी पर जल के महत्व को रेखांकित करने का यह प्रयास सराहनीय

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने इस अवसर पर कहा, जल-प्रबंधन के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्यों को सम्मानित करने का तथा जल-अभियान के विस्तार द्वारा अपने दैनिक जीवन में तथा पृथ्वी पर,जल के महत्व को रेखांकित करने का यह प्रयास सराहनीय है।

30 नवंबर तक चलेगा अभियान

यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। अभियान के दौरान सभी सरपंच विशेष ग्राम सभा का संचालन करेंगे और ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाएंगे। यह अभियान मानसून अवधि को ध्यान में रखकर देश के सभी जिलों (ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों) में लागू रहेगा।


जल का मुद्दा, जलवायु परिवर्तन के और भी विशाल संकट का एक हिस्सा

उन्होंने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि जल का मुद्दा, जलवायु परिवर्तन के और भी विशाल संकट का एक हिस्सा है। जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन हो रहा है,बाढ़ और सूखे की स्थितियां बार-बार तथा अधिक गंभीर रूप में उपस्थित हो रही हैं। हिमालय के ग्लेशियर पिघल रहे हैं,और समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे परिवर्तनों के गंभीर दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं जिनका किसानों, महिलाओं और निर्धन वर्ग के लोगों के जीवन पर और भी अधिक बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा, पिछले वर्ष 22 मार्च को, यानि ‘विश्व जल दिवस’ के अवसर पर, प्रधानमंत्री द्वारा ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ प्रकल्प शुरू किया गया था। जल शक्ति अभियान के उस दूसरे चरण को पिछले साल मार्च से नवंबर तक, मानसून के आगमन के पहले और मानसून के दौरान, देश के सभी जिलों में, ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में चलाया गया। मैं सभी राज्य सरकारों को भी बधाई देता हूं, जिन्होंने कोरोना महामारी की चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ इस जल-अभियान की सफलता में भी सराहनीय योगदान दिया।

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