उत्तराखंड: गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है।
राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में जारी प्रसिद्ध क्वाकवेरेली साइमंड्स (क्यूएस) एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में पंतनगर ने भारत के सभी कृषि विश्वविद्यालयों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। इस रैंकिंग में देश-विदेश के सामान्य विश्वविद्यालयों, आईआईटी (IITs), आईआईएससी (IISc), मेडिकल, प्रबंधन और प्रमुख निजी संस्थानों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा होती है। ऐसे कड़े मुकाबले के बीच एक विशेषज्ञ कृषि विश्वविद्यालय का समग्र वैश्विक सूची में उत्कृष्ट स्थान बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। यह रैंकिंग कुल 11 प्रमुख मापदंडों के आधार पर तैयार की गई है, जिनमें अकादमिक प्रतिष्ठा (30%), नियोक्ता प्रतिष्ठा (20%), फैकल्टी-छात्र अनुपात, शोध उद्धरण (रिसर्च साइटेशन) प्रति पेपर, प्रति फैकल्टी पेपर, अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क, पीएचडी धारक फैकल्टी और स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) शामिल हैं। इस वर्ष की क्यूएस रैंकिंग अब तक की सबसे व्यापक रैंकिंग रही, जिसमें एशिया की 26 उच्च शिक्षा प्रणालियों के कुल 1,722 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया।
हासिल किया पहला स्थान
• एशिया के शीर्ष संस्थान: रैंकिंग में यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि पेकिंग यूनिवर्सिटी दूसरे और सिंघुआ यूनिवर्सिटी तीसरे स्थान पर रही। एशिया के शीर्ष-10 संस्थानों में हांगकांग के 5 विश्वविद्यालयों का वर्चस्व रहा।
• देशों का प्रतिनिधित्व: कुल 448 विश्वविद्यालयों के साथ चीन पहले स्थान पर रहा, वहीं भारत 325 संस्थानों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इस बार भारत के 34 नए विश्वविद्यालय इस सूची में शामिल हुए हैं, जबकि शीर्ष-200 में भारत के 21 संस्थानों ने जगह बनाई है।
• भारतीय संस्थानों का प्रदर्शन: भारतीय संस्थानों में आईआईटी दिल्ली 66वें, आईआईएससी बेंगलुरु 79वें और आईआईटी बॉम्बे 83वें स्थान पर रहे। कृषि क्षेत्र में पंतनगर के साथ-साथ तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयंबटूर भी रैंकिंग में अपनी जगह बनाई।