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रामनगर: टैक्स बार एसोसिएशन ने FSSAI से संबद्ध फूड इंस्पेक्टर से की शिष्टाचार भेंट, फूड लाइसेंस संबंधी जागरूकता हेतु हुए बैठक

टैक्स बार एसोसिएशन, रामनगर ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी पहल के अंतर्गत आज खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से संबद्ध फूड इंस्पेक्टर से शिष्टाचार भेंट की।

यह हुए वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य शामिल

इस बैठक का उद्देश्य फूड लाइसेंसिंग प्रक्रिया को लेकर अधिवक्ताओं के मध्य फैली हुई विभिन्न भ्रांतियों का समाधान करना और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझना था। इस बैठक में टैक्स बार एसोसिएशन के कई वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य अध्यक्ष पूरन चंद्र पांडे उपाध्यक्ष प्रबल बंसल, फिरोज अंसारी, महासचिव गौरव गोला, उपसचिव अग्रवाल, लईक अहमद, विशाल रस्तोगी, सागर भट्ट, संजीव अग्रवाल, फैजुल हक, रोहित माहेश्वरी, राकेश राही, गुलरेज रज़ा, भोपाल रावत, मनोज बिष्ट इनके अतिरिक्त अन्य अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। जिन्होंने इस संवाद को सार्थक और सफल बनाने में योगदान दिया।

बैठक का आयोजन

वर्तमान समय में खाद्य सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय बन चुकी है। भारत सरकार द्वारा संचालित खाद्य सुरक्षा अधिनियम (FSS Act, 2006) के अंतर्गत प्रत्येक खाद्य व्यवसायी के लिए फूड लाइसेंस अनिवार्य है। लेकिन ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में अब भी इस संबंध में पूर्ण जानकारी का अभाव देखा जाता है। अधिवक्ता वर्ग, जो समाज का एक जागरूक एवं मार्गदर्शक वर्ग माना जाता है, यदि इस प्रक्रिया से भली-भांति परिचित हो, तो वे न केवल अपने मुवक्किलों को सही परामर्श दे सकते हैं बल्कि व्यापक स्तर पर कानून की जागरूकता भी फैला सकते हैं। इसी सोच को साकार रूप देने के लिए आज की बैठक का आयोजन किया गया।

दी यह जानकारी

बैठक के दौरान फूड इंस्पेक्टर ने खाद्य व्यवसाय शुरू करने से पूर्व आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों की सूची, लाइसेंस की श्रेणियाँ (Basic, State, Central), नवीनीकरण की समय-सीमा, निरीक्षण प्रक्रिया और उल्लंघन की स्थिति में संभावित दंड जैसी महत्वपूर्ण बातों को अत्यंत स्पष्टता के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून केवल लाइसेंस तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराने की एक व्यापक व्यवस्था है। उन्होंने अधिवक्ताओं के समक्ष यह भी स्पष्ट किया कि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की दलाली या भ्रष्टाचार की संभावना न रहे। बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं ने विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं और जमीनी स्तर पर आने वाली कठिनाइयों को साझा किया।

दिया यह संदेश

इस बैठक के माध्यम से यह संदेश गया कि कानून केवल शासन करने का उपकरण नहीं है, बल्कि समाज को संरचित, सुरक्षित और समृद्ध बनाने का साधन है। इसमें न केवल फूड लाइसेंसिंग से जुड़ी भ्रांतियों का समाधान हुआ, बल्कि अधिवक्ता वर्ग को एक नई दृष्टि और जानकारी भी प्राप्त हुई।

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