November 30, 2022

आरईसी ,पिथौरागढ़ के बेस अस्पताल में ऑक्सीजन उत्पादन सयंत्र लगाएगी

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अग्रणी एनबीएफसी आरईसी लिमिटेड ( नवरत्न कम्पनी ) ने अपनी सीएसआर सहयोगी कंपनी आरईसी फाउंडेशन के जरिये उत्तराखंड के पिथौड़ागढ़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है और अपनी सीएसआर पहल के तहत 1.85 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता की प्रतिबद्धता की है। परियोजना के एक हिस्से के रूप में, आरईसी उत्तराखंड के पिथौड़ागढ़ के बेस अस्पताल में 1000 एलपीएम ऑक्सीजन जेनेरेशन प्लांट की स्थापना की जाएगी। इसके साथ साथ, अस्पताल को 22 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा व्हील के साथ 200 फाउलर बेड भी उपलब्ध कराये जाएंगे जिससे उसकी बेड क्षमता 250 से बढ़कर 450 हो जाएगी। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदाय को आवश्यक चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए अस्पताल में कोविड केयर फैसिलिटी को सुदृढ़ बनाना है।

स्वास्थ्य प्रणालियों में सुधार लाने का उद्देश्य
आरईसी फाउंडेशन देश में स्वास्थ्य प्रणालियों में सुधार लाने की दिशा में निरंतर कार्य करती रही है। इससे पूर्व, इसी महीने फाउंडेशन ने पुणे के दल्वी अस्पताल में 1700 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट (फुल असेंबली) तथा 150 केवीए जेनरेटर प्लांट की स्थापना के लिए 2.21 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई थी। इस परियोजना का कार्यान्वयन पुणे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन द्वारा किया गया है तथा यह अस्पताल में निर्बाधित ऑक्सीजन आपूर्ति उपलब्ध करा रहा है।

अन्य परियोजनाएं
फाउंडेशन द्वारा समर्थित एक अन्य परियोजना उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में पंडित राम सुमेर शुक्ला स्मृति सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय है जिसे कोविड उपचार केंद्र में परिवर्तित कर दिया गया है। इस केंद्र में 36 बेड आईसीयू वार्ड तथा आइसोलेशन सेंटर, टेस्टिंग सेंटर आदि सुविधाओं सहित 300 बेड वाला अस्पताल है। इस परियोजना ने जिले में चिकित्सा अवसंरचना को सुदृढ़ बनाया है तथा समय पर संगत चिकित्सा उपचार तथा सेवाओं को उपलब्ध कराने के जरिये महामारी के प्रति स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया में बढोतरी की है।

बताते चले कि आरईसी लिमिटेड एक नवरत्न एनबीएफसी है जो बिजली मंत्रालय के तहत पूरे भारत में बिजली क्षेत्र वित्तपोषण एवं विकास पर केंद्रित है। 1969 में स्थापित आरईसी लिमिटेड ने अपने प्रचालन के 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह राज्य बिजली बोर्डों, राज्य सरकारों, केंद्रीय/राज्य बिजली यूटिलिटीज, स्वतंत्र बिजली उत्पादकों, ग्रामीण बिजली सहकारी संघों तथा निजी क्षेत्र यूटिलिटीज को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है। इसकी व्यवसाय गतिविधियों में बिजली क्षेत्र की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में परियोजनाओं का वित्तपोषण, विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं में जेनरेशन, ट्रांसमिशन, वितरण परियोजनाएं तथा नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं।