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रूद्रप्रयाग: विकलांगता प्रमाणपत्र के नाम पर मांगी रिश्वत, विजिलेंस टीम शंकराचार्य अस्पताल के डॉक्टर को रंगे हाथों किया गिरफ्तार

रुद्रप्रयाग: कोटेश्वर स्थित शंकराचार्य अस्पताल में तैनात डॉक्टर अंकुर ठाकुर को विजिलेंस (सतर्कता अधिष्ठान) की टीम ने ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

किया गिरफ्तार

डॉक्टर पर दिव्यांगता प्रमाणपत्र (विकलांगता प्रमाणपत्र) जारी करने के एवज में यह रिश्वत मांगने का आरोप है। मिली जानकारी के अनुसार, एक पीड़ित व्यक्ति ने दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अस्पताल में तैनात डॉक्टर अंकुर ठाकुर से संपर्क किया था। जिस पर आरोप है कि डॉक्टर ने प्रमाणपत्र जारी करने के बदले पीड़ित से ₹5,000 की मांग की। रिश्वत देने के बजाय पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत तुरंत विजिलेंस टीम से कर दी।

​विजिलेंस की कार्रवाई

शिकायत की प्रारंभिक जांच में मामला सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही डॉक्टर अंकुर ठाकुर ने पीड़ित से रिश्वत की धनराशि स्वीकार की, मौके पर मौजूद विजिलेंस की टीम ने उन्हें धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने अस्पताल परिसर में ही डॉक्टर से लगभग छह घंटे तक गहन पूछताछ की। पूछताछ और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद टीम आरोपी डॉक्टर को अपने साथ ले गई। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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