देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। भारतीय नागरिकता से संबंधित प्रवधानों पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। बीते शुक्रवार को यह फैसला सुनाया गया।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें नागरिकता पर फैसला सुनाया। बताया कि जब कोई व्यक्ति दूसरे देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है तो सिटीजनशिप एक्ट की धारा 9 के तहत उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन व्यक्तियों के बच्चे सिटीजनशिप एक्ट की धारा 8(2) के तहत फिर से भारत की नागरिकता की मांग कर सकते हैं। कहा कि सिटीजनशिप एक्ट की धारा 8(2) के अनुसार अपनी इच्छा से भारतीय नागरिकता छोड़ने वालों के बच्चे बड़े होकर एक साल के अंदर भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि विदेशी नागरिकता प्राप्त करने वाले लोगों के बच्चों के लिए यह विकल्प उपलब्ध नहीं है।
भारतीय नगरिकता का किया था दावा
दरअसल यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले पर सुनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक मद्रास हाई कोर्ट ने सिंगापुर के एक नागरिक को सिटीजनशिप एक्ट की धारा 8(2) के तहत भारत की नगरिकता दे देने की अनुमति दी थी। इस नागरिक के माता-पिता सिंगापुर की नागरिकता प्राप्त करने से पहले मूल रूप से भारतीय नागरिक थे। जिस पर याचिकाकर्ता ने अनुच्छेद 8 के तहत भारतीय नगरिकता का दावा किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता नागरिकता अधिनियम की धारा 8(2) के तहत भारतीय नागरिकता फिर से प्राप्त करने का हकदार नहीं था।