उत्तराखंड: उत्तराखंड राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होने वाली ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। जिसमें उत्तराखंड आज केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से देश के लिए एक ‘मॉडल राज्य’ के रूप में उभर रहा है।
बन रहा एक ‘मॉडल राज्य’
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रावधानों के सही क्रियान्वयन से राज्य की शिक्षा व्यवस्था में और भी बड़े और सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है। राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकारों ने वित्तीय मोर्चे पर ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। गठन के समय जहां स्कूल शिक्षा का कुल बजट मात्र 665 करोड़ रुपये था, वह अब बढ़कर 12,401 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसमें प्रारंभिक शिक्षा का बजट 342 करोड़ से बढ़कर 4,384 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा का बजट 423 करोड़ से बढ़कर 7,017 करोड़ रुपये हो गया है।
हाईस्कूल का पास प्रतिशत 32% से उछलकर 92% हुआ
संसाधनों की उपलब्धता, बेहतर पहुंच, जनजागरूकता और शिक्षकों के निरंतर प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि परीक्षा परिणामों में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। राज्य गठन के समय हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत मात्र 32.6% था, जो अब बढ़कर 92.10% पर पहुंच गया है।
• स्मार्ट क्लासेस: 4,629 विद्यालयों में।
• वर्चुअल माध्यम: 1,340 विद्यालयों में (जिसके लिए 6 विशेष स्टूडियो बनाए गए हैं)।
• आईसीटी (ICT): 363 विद्यालयों में।
• राज्य के 425 महाविद्यालयों में 4.72 लाख विद्यार्थी पारंपरिक के साथ-साथ मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे अत्याधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम पढ़ रहे हैं।