October 17, 2021

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.91 अरब डॉलर से बढ़कर 588.02 अरब डॉलर के नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा ।

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देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.91 अरब डॉलर बढ़कर 588.02 अरब डॉलर के उछाल पर ।
विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 29 जनवरी 2021 को 590.185 अरब डालर की सर्वकालिक ऊंचाई पर था। 

रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार  देश का विदेशी मुद्रा भंडार गत 30 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 3.913 अरब डालर बढ़कर 588.02 अरब डालर पर पहुंच गया है ।

पिछले सप्ताह 1.701 से 584.107 अरब पर पहुंचा था ।

इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.701 अरब डालर बढ़कर 584.107 अरब पर पहुंच गया था।

29 जनवरी 2021 को अपनी सर्वकालिक ऊँचाई पर था ।

रिज़र्व बैंक के जारी आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 29 जनवरी 2021 को 590.185 अरब डालर की सर्वकालिक ऊंचाई पर था। इस दौरान सोने का आरक्षित भंडार 50.5 करोड़ डालर घटकर 35.464 अरब डालर रह गया।

विदेशी मुद्रा भंडार में होने वाली वृद्धि मुख्य तौर पर विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां बढ़ने से हुई है ।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार 30 अप्रैल 2021 को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में होने वाली वृद्धि मुख्य तौर पर विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां बढ़ने से हुई है । विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां सप्ताह के दौरान 1.413 अरब डालर बढ़कर 546.059 अरब डालर पर पहुंच गईं। 
विदेशी मुद्रा भंडार पर पाउंड, स्टर्लिग, येन जैसी अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है ।

क्या होती है विदेशी मुद्रा ?

विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश के केंद्रीय बैंक द्वारा रखी गई धनराशि या अन्य परिसंपत्तियां हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर वह अपनी देनदारियों का भुगतान कर सकें । इस तरह की मुद्राएं केंद्रीय बैंक जारी करता है । साथ ही साथ सरकार और अन्य वित्तीय संस्थानों की तरफ से केंद्रीय बैंक के पास जमा किये गई राशि होती है यह भंडार एक या एक से अधिक मुद्राओं में रखे जाते हैं ज्यादातर डॉलर और कुछ हद तक यूरो में विदेशी मुद्रा भंडार में शामिल होता है विदेशी मुद्रा भंडार को फॉरेक्स रिजर्व या एफएक्स रिजर्व भी कहा जाता है ।