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यहां की अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला, डिजिटल अरेस्ट के एक मामले में पहली बार 9 साइबर अपराधियों को सुनाई उम्रकैद की सजा

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। डिजिटल अरेस्ट के एक मामले में पहली बार एक अदालत ने 9 साइबर अपराधियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

अदालत का फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की एक अदालत ने शुक्रवार को अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के नौ सदस्यों को यह सजा सुनाई है। शुक्रवार को उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 338 (दस्तावेजों की जालसाजी) सहित BNS और IT एक्ट की कुल 11 धाराओं के तहत सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन 9 दोषियों में एक महिला भी शामिल है। सभी को महाराष्ट्र, हरियाणा और गुजरात से गिरफ्तार किया गया था। बताया कि ये एक बड़ी साइबर धोखाधड़ी गिरोह का हिस्सा थे। जिसमें अब तक देशभर के 108 लोगों से लगभग 100 करोड़ की ठगी की है। इन पर अन्य राज्यों में भी मुकदमे चलने की संभावना है।

बताया आर्थिक आतंकवाद

रिपोर्ट्स के मुताबिक इन ठगों ने पिछले साल कृषि वैज्ञानिक से ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ की धमकी देकर एक करोड़ रुपये ठगे थे। रानाघाट जिला पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सिद्धार्थ धपोला ने बताया कि सभी ने सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक को सरकारी अधिकारी बनकर धमकाया और ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ के जाल में फंसाया और उनसे विभिन्न बैंक खातों के जरिए करीब एक करोड़ रुपये लिए। जिस पर अदालत ने फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक बिवास चटर्जी ने अदालत को बताया कि यह सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि एक प्रकार का ‘आर्थिक आतंकवाद’ है। 

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