October 19, 2021

‘मिशन कर्मयोगी’ परियोजना के तहत सिविल सेवा में बड़ा बदलाव करने जा रही है भारत सरकार, जाने किसे सौंपी जिम्मेदारी।

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देश भर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की रफ़्तार कम होने लगी है। वही बड़े अधिकारियों से जुड़ी खबर सामने आई है। अब भारत सरकार सिविल सेवाओं में बड़े बदलाव करने जा रही है। जिसका जिम्मा भी सौंपा जाएगा।

सिविल सेवा में बदलाव करेगी सरकार-

भारत सरकार देश की नौकरशाही की क्षमता सुधारने के लिए सिविल सेवा में बदलाव करने जा रही है। सलाहकार का काम केंद्र सरकार के लिए एक FRAC (भूमिकाओं, गतिविधियों और दक्षताओं का ढांचा) का ढांचा विकसित करना है, जिससे हिसाब से “भविष्य के लिए सिविल सेवा” को ढाला जाएगा जो बड़े सामाजिक और आर्थिक बदलाव का जरिया होगा।

“मिशन कर्मयोगी’ परियोजना का है हिस्सा-

यह पिछले सितंबर में घोषित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी ‘मिशन कर्मयोगी’ परियोजना का हिस्सा है। इसकी शुरुआत करने के लिए, सलाहकार को भारत सरकार के सात प्रमुख मंत्रालयों या विभागों के संगठनात्मक ढांचे और कार्य आवंटन दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए कहा जाएगा। इसमें वित्त मंत्रालय (आर्थिक मामलों का विभाग), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना मंत्रालय प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, एनएचएआई, पर्यावरण और वन मंत्रालय और डीओपीटी शामिल हैं।

एचआर कंसल्टेंसी फर्म को दिया जाएगा जिम्मा-

इस चीज का जिम्मा एचआर कंसल्टेंसी फर्म को दिया जाएगा। भारत सरकार सिविल सेवा में बदलाव करके नौकरशाही की स्थिति और क्षमता को बेहतर करना चाहती है जिसके लिए भारत सरकार यह जिम्मेदारी एचआर कंसल्टेंसी फर्म को देना चाहती है।

जाने भारत सरकार क़्यों करना चाहती है बदलाव-

आज भारत बड़े परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है, जिसमें देश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समाज के विकास स्तर को बढ़ाने में सिविल सेवा का योगदान होता है। ऐसे में सरकार सिविल सेवा में बदलाव करना चाहती है।