October 26, 2021

डीआक्सी-डी ग्लूकोज (2-डीजी) की दवा अगले हफ़्ते होगी लांच, कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों के लिए है कारगर।

 169 total views,  2 views today

कोरोना संक्रमण ने भारत में अपनी दस्तक 2020 में दी थी। तब भारत में इसकी पहली लहर आई थी। जिसमें बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आए थे। बेकाबू हालातों को देखते हुए पूरे देश में लंबा लाॅकडाउन भी लगा दिया गया था। धीरे- धीरे हालात ठीक हुए तो 2021 में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने अपनी दस्तक दे दी, जो पहली लहर से भी ज्यादा घातक होती जा रही है। जिसमें लोगो में इसका खतरा अधिक होने लगा है। वही कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु देश भर में कोरोना टीकाकरण अभियान भी जोरों शोरों पर लग रहा है। वही कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए एक 2- DG दवा आई है, जो कारगार साबित होगी। जिससे ऑक्सीजन की कमी भी दूर होगी।

डीआक्सी-डी ग्लूकोज (2-डीजी) की पहली डोज का पहला बैच अगले हफ्ते की शुरुआत में होगा लांच-

कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए यह कारगार साबित हो सकती है। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की दवा 2 डीआक्सी-डी ग्लूकोज (2-डीजी) की 10 हजार डोज का पहला बैच अगले हफ्ते की शुरुआत में लॉन्‍च किया जाएगा।

क्लीनिकल ट्रायल्स में भी हुई है सफल साबित-

2- डिऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-DG) दवा क्लीनिकल ट्रायल्स में सफल साबित हुई है। जिसके बाद ही अगले हफ़्ते के शुरुआत में यह लांच होने जा रही है।

कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए करेगी संजीवनी का काम-

यह दवा कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों के लिए संजीवनी से कम नहीं है। यह दवा सामान्य कोशिकाओं तक कम ही जाती है और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाती। 2डीजी कोरोना के हर स्ट्रेन से लड़ने में सक्षम है। इस दवा का मैकेनिज्म वायरस के प्रोटीन के बजाय, मानव कोशिकाओं के ही प्रोटीन में बदलाव कर देता है, जिससे वायरस कोशिका के अंदर पनाह ही नहीं ले पाता है। वहीं बाकी की एंटी वायरल दवाएं वायरस के ही प्रोटीन पर ही वार करतीं हैं और जब वायरस में म्युटेशन हो जाता है तो दवाइयां काफी हद तक निष्प्रभावी हो जाती हैं। इससे वायरस किसी भी स्ट्रेन का हो वह बेअसर हो जाता है। इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना संक्रमित मरीजों का जल्दी बेहतर होगा।