October 26, 2021

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पहली लहर से भी अधिक हो रही है हावी, जाने 2020 और 2021 के हालात और आंकड़े।

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एक था कोरोना 2020 वाला।
एक है कोरोना 2021 वाला।
दोनों में कई बुनियादी फ़र्क़ है। पहले के मुक़ाबले यह ज्यादा फैल रहा है, इसके चपेट में सभी उम्र के लोग आ रहे हैं। यह बच्चों और नौजवानों को अपनी ज़द में ज़्यादा ले रहा है। इसमें बुख़ार ज़्यादा दिन तक रह रहा है।

2020 के कोरोना संक्रमण और 2021 के कोरोना संक्रमण में अंतर-

इन दोनों में अंतर हैं। लेकिन साल उसका आधार नहीं है। ये अंतर इसलिए है क्योंकि कोरोना के प्रकार बदल गए हैं। इस वक़्त भारत में चार प्रकार का कोरोना संक्रमण देखने को मिल रहा है।
पहला– प्राइमेरी कोरोना, जो 2020 में भारत में आया।
दूसरा– नई स्ट्रेन वाला कोरोना, जो ब्रिटेन, दक्षिण अफ़्रीका और ब्राज़ील से भारत में आया है, लेकिन इसके बारे में भारत सरकार ने अभी विस्तृत डेटा जारी नहीं किया है।
तीसरा – पोस्ट वैक्सीन कोरोना यानी जिनको वैक्सीन की एक डोज़ लग चुकी है और उसके बाद कोरोना हो गया है।
चौथा – रिइंफेक्शन कोरोना यानी जिनको पहले कोरोना हो चुका है और अब दोबारा से हुआ है। ऐसे लोगों की संख्या बाक़ी के मुक़ाबले कम है।

पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में तेजी से फैल रहा है कोरोना-

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी से विकराल हो रही है। भारत का कोरोना ग्राफ़ इस बात की पुष्टि करने के लिए काफ़ी है। पिछले सात दिन के रोलिंग औसत का ग्राफ़ ये बताने के लिए काफ़ी है। इतना ही नहीं, कोरोना की वजह से हो रही मौत के मामलों में भी तेज़ी से इज़ाफ़ा देखने को मिला है। रोज़ाना हो रहे टेस्ट में पॉज़िटिव पाए जाने वालों की संख्या भी तेज़ी से बढ़ रही है। अस्पतालों में बढ़ते मरीज़ों के आँकड़े भी पहले के मुकाबले दूसरी लहर में तेजी से फैल रहे हैं।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को सामने आया था-

उत्तराखंड में कोरोना का पहला मामला 15 मार्च को सामने आया था। तब से अब तक राज्य ने इस मोर्चे पर तमाम उतार-चढ़ाव देखे हैं। आज एक बार फिर उत्तराखंड में फिर से कोरोना संक्रमण की लहर दौड़ पड़ी है।

पहले की और अब की स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ बहुत बदलाव-

उत्तराखंड में जब कोरोना संक्रमण की पहली लहर आई थी। तब सरकार के पास इतनी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थी, जो अब उपलब्ध है। इसके बावजूद भी उत्तराखंड में स्वास्थ्य मंत्री का कोई पद नहीं बनाया गया। पहले सरकार के पास उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाए जैसे बेड, वेंटीलेटर, PPE किट, पुष्ट जानकारी और प्रशिक्षण का आभाव था वही पिछले एक साल में सरकार ने अतिरिक्त बेड अस्पतालों को आवंटित किये, सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर/ स्टाफ/ ज़रूरी उपकरण को लगाया गया है। इसके बावजूद भी सरकार सख़्ती करने में ढिलाई कर रही है।

कोरोना की पहली लहर में पुलिस बल ने दिखाई थी काफी सख़्ती, वही कोरोना की दूसरी लहर में कुंभ मेले में तैनात रही पुलिस की अधिक फोर्स-

कोरोना की पहली लहर में उत्तराखंड के सभी जिलों की पुलिस फ़ोर्स अपने अपने जनपदों में कार्य कर रही थी। जिसमें पुलिस सख्ती से लोगो से नियमो का पालन करवा रहे थे। वही इस बार अधिकार पुलिस फ़ोर्स कुम्भ ड्यूटी में तैनात थी, उसके बावजूद भी कुंभ मेले में कोरोना के सबसे ज्यादा आंकड़े सामने आए। जिसमें पुलिसकर्मियों को वैक़्सीन की दोनों डोज देने के बाद भी कोरोना संक्रमण हुआ।

कोरोना संक्रमण की पहली लहर और दूसरी लहर के आंकड़ों के ग्राफ में दिखा बड़ा अंतर-

पिछले साल 21 अप्रैल 2020 को राज्य मे एक भी कोरोना संक्रमण का मामला नही आया था जबकि 46 संक्रमण के मामलों की प्रदेश मे पुष्टि हुई थी जिसमे 19 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हुए थे, वही आज राज्य मे अस्पतालों में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच हुई । अब तक कुल 129205 लोग संक्रमित हो चुके है। वही 129159 मामले पिछले 1 साल में आये थे। जिसमें  2826% की बढ़ोतरी है। वही एक साल पहले प्रदेश भर मे कुल शून्य मामले आने के लिए 277 टेस्ट किये गए थे और प्रदेश मे संक्रमण का प्रतिशत 1% था वही कल की बुलेटिन तक यह आंकड़ा 3.81% पहुँच गया है। वही रिकवरी रेट भी 80% से ऊपर पहुँच गया है, जो एक साल पहले 40% था।

अब भी लोगो को बड़ी संख्या में किया जा रहा है क़्वारंटाइन-

कोरोना संक्रमण से पिछले साल मात्र 46 संक्रमितों के प्रदेश मे होने पर 63754 लोगो को घरों में आइसोलेट किया गया था, विभिन्न शेल्टर होम में 2101 लोग को क्वारंटाइन किया गया था, लेकिन इस साल इस आंकड़ों को अभी तक सरकार द्वारा जारी नही किया गया है। वही उत्तराखण्ड में मृत्यु दर में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। जो एक बहुत बड़ी समस्या है। जो राष्ट्रीय औसत से 30% ज़्यादा है और इस दर को कम करना प्रदेश के लिए एक बड़ी चुनौती है। पिछले बार कोरोना बुलेटिन 3 बार जारी की जाती थी, जिसमें सबसे अधिक कोरोना अपडेट पर फोकस रहता था, लेकिन अब एक समय कोरोना बुलेटिन आती है।

सभी लोग कोविड नियमों का करे पालन-

कोरोना संक्रमण का खतरा कम होने की बजाय बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों ने भी एहतियात बरतनी चाहिए। जनता को एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कोविड नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।