Site icon Khabribox

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया यह बड़ा ऐतिहासिक फैसला, कहा- सम्मान और सुविधाओं में नहीं होगा अब कोई पक्षपात,पेंशनर्स को बड़ी राहत

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकारें महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ाते समय सेवारत कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच कोई फर्क नहीं कर सकतीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने केरल सरकार की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि महंगाई की मार हर किसी पर एक समान पड़ती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समानता ‘कानून के शासन’ का अभिन्न हिस्सा है। संविधान का अनुच्छेद 14 किसी भी तरह के मनमाने वर्गीकरण की इजाजत नहीं देता। पीठ के अनुसार, पेंशनभोगियों और कर्मचारियों के लिए अलग-अलग दरें तय करना तार्किक रूप से गलत और भेदभावपूर्ण है। यह फैसला देशभर के लाखों पेंशनभोगियों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की यह तीन बड़ी बातें

• ​समान मार, समान राहत: चूंकि DA और DR दोनों का मुख्य उद्देश्य बढ़ती कीमतों से राहत देना है, इसलिए इनके मापदंड अलग-अलग नहीं हो सकते।
• ​संवैधानिक हक: कोर्ट ने याद दिलाया कि पेंशन कोई खैरात या दान नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों का संवैधानिक हक है।
• ​निरंकुशता पर प्रहार: भेदभावपूर्ण नीतियों को कोर्ट ने ‘निरंकुश शासक की सनक’ करार दिया और कहा कि वर्गीकरण के पीछे ठोस तर्क होना अनिवार्य है।

Exit mobile version