October 19, 2021

सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश, पत्रकारों पर झूठी एफआईआर दर्ज करने पर कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट के तहत होगी कार्यवाही।

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एक पत्रकार निष्पक्ष होकर अपना काम करता है, वह समाज के लोगों का दर्पण होता है। एक पत्रकार ही होता है, जो समाज में हो रही सभी घटनाओं का ब्यौरा लोगों को दिखाता है। ऐसे में पत्रकार रिस्क के साथ अपना कर्तव्य निभाता है। जिसके लिए कई बार पत्रकार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिये आदेश-

पत्रकारों के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करने पर अब उन लोगों के खिलाफ बड़ा एक़्सन लिया जाएगा, जो पत्रकारों पर बेवजह झूठी एफआईआर दर्ज करते हैं। ऐसा करने पर सुप्रीम कोर्ट उन पर कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट के तहत कारवाई करेगा।

लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है पत्रकारिता-

संविधान के अनुसार विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका लोकतन्त्र के तीन स्तम्भ हैं लेकिन पत्रकारिता को असंवैधानिक तौर पर लोकतन्त्र का ‘चौथा स्तम्भ’ का स्थान प्राप्त है। पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं, विपरीत परिस्थितियों में भी सच्चाई को सामने लाते हैं।पत्रकार ही होते हैं जो समाज में फैली बुराइयों को जनता व देश के सामने लाने का काम करती है।