उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के टिहरी जनपद में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों को लंबे समय से वाहन भत्ता न दिए जाने की गंभीर समस्या को लेकर दिनांक 6 जनवरी 2026 को उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन द्वारा एक महत्वपूर्ण, संगठित एवं सकारात्मक पहल की गई।
दिया ज्ञापन
इस मौके पर संगठन ने नर्सिंग अधिकारियों की वर्षों पुरानी इस जायज मांग को प्रमुखता से उठाते हुए जनपद के उच्च अधिकारियों के समक्ष ठोस रूप से प्रस्तुत किया। उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन के जनपद अध्यक्ष एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मस्तराम के नेतृत्व में संगठन के जनपद एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद टिहरी डॉ. श्याम विजय को वाहन भत्ता न मिलने के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कही यह बात
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि नर्सिंग अधिकारी स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं और दूरस्थ, पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ निरंतर दे रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें वाहन भत्ते जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रखा गया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि टिहरी जनपद भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत विषम परिस्थितियों वाला जिला है। यहाँ कई स्वास्थ्य संस्थान ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं जहाँ सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था सीमित या बिल्कुल नहीं है। ऐसे में नर्सिंग अधिकारियों को अपने निजी वाहनों अथवा वैकल्पिक साधनों से ड्यूटी स्थल तक पहुँचना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। वाहन भत्ता न मिलने से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है, बल्कि कार्य के प्रति मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है। उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में शासनादेशों, विभागीय नियमों एवं अन्य जनपदों में लागू व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया कि नर्सिंग अधिकारियों को वाहन भत्ता दिया जाना पूर्णतः न्यायसंगत एवं नियमसम्मत है। संगठन ने मांग की कि टिहरी जनपद में भी तत्काल प्रभाव से वाहन भत्ता लागू किया जाए, जिससे नर्सिंग अधिकारियों को राहत मिल सके।
किया आश्वस्त- समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए संगठन के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि नर्सिंग अधिकारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर सभी तथ्यों एवं नियमों का परीक्षण कर उचित एवं न्यायसंगत कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग नर्सिंग अधिकारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
इसी क्रम में संगठन द्वारा जिला चिकित्सालय बोराड़ी, नई टिहरी में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित राय को भी वाहन भत्ता संबंधी ज्ञापन सौंपा गया। डॉ. अमित राय ने नर्सिंग अधिकारियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने संगठन को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और इस विषय में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
रहें उपस्थित
इस अवसर पर उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन की ओर से प्रदेश प्रभारी गिरीश उनियाल, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला हरिद्वार अध्यक्ष गिरीश चंद्र, संरक्षक बीना शाह सहित जनपद कार्यकारिणी के जनपद महामंत्री विनय, कृपाल, दीपक तथा जनपद कोषाध्यक्ष विकास उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में नर्सिंग अधिकारियों के हितों की रक्षा हेतु निरंतर संघर्ष करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
नर्सिंग अधिकारियों के मनोबल से जुड़ा विषय
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि वाहन भत्ता केवल आर्थिक विषय नहीं है, बल्कि यह नर्सिंग अधिकारियों के सम्मान, मनोबल और कार्यक्षमता से सीधे जुड़ा हुआ है। यदि कर्मचारियों को मूलभूत सुविधाएँ समय पर प्राप्त होंगी तो वे और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ जनसेवा कर सकेंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद टिहरी जनपद के नर्सिंग अधिकारियों में आशा और विश्वास का वातावरण बना है। संगठन को पूर्ण विश्वास है कि विभाग शीघ्र ही इस दिशा में ठोस निर्णय लेकर नर्सिंग अधिकारियों को राहत प्रदान करेगा।
संगठन का स्पष्ट संदेश
उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन ने अंत में यह स्पष्ट किया कि वह नर्सिंग अधिकारियों के अधिकारों, सम्मान एवं हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। संगठन ने चेताया कि यदि समस्याओं का समाधान समयबद्ध रूप से नहीं हुआ, तो भविष्य में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीकों से आंदोलनात्मक कदम उठाने पर भी विचार किया जा सकता है, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विभागीय प्रशासन की होगी।