Site icon Khabribox

उत्तराखंड: धामी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले: उपनल कर्मियों से लेकर अग्निवीरों और शहीदों के परिवारों तक, जानिए किसे क्या मिला

उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर‌ लगी है।

कैबिनेट बैठक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य के बदले समान वेतन व्यवस्था लागू करने, नई राज्य सहकारिता नीति-2026 को स्वीकृति देने और राज्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1320 मेगावाट बिजली खरीद समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली।

उपनल कर्मियों को इतने चरणों में मिलेगा समान वेतन

​सरकार ने उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान काम के लिए समान वेतन देने का निर्णय लिया है।
• ​पहला चरण: 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
• ​दूसरा चरण: 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया 9 नवंबर 2026 से शुरू होगी।
• ​तीसरा चरण: 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 के बीच नियुक्त कर्मियों के लिए यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2027 से लागू होगी।
​इसके  अलावा 1 जनवरी 2016 से पहले से कार्यरत उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ भी दिया जाएगा। स्वीकृत पदों से अधिक तैनात कर्मियों के समायोजन के लिए अलग से व्यवस्था तैयार की जाएगी।

1320 मेगावाट बिजली की खरीद को मंजूरी

​प्रदेश में बिजली की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अडानी पावर से 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। यह खरीद ₹5.746 प्रति यूनिट के टैरिफ पर होगी। इसके लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) को नियामक मंजूरियां लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया है।

उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 हुई लागू

​राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 की तर्ज पर प्रदेश में उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 लागू की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाना है। नीति में रोजगार सृजन, युवा व महिला सशक्तिकरण और पलायन रोकने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार

​दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की पारदर्शी खरीद के लिए ‘उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन’ के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, हरिद्वार राजकीय मेडिकल कॉलेज की 1 एकड़ जमीन 99 साल की लीज पर राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए दी जाएगी, जहां BSL-3 स्तर की जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

शहीदों के लिए यह निर्णय

जिसमेंराज्य के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा देहरादून में रिस्पना नदी किनारे स्थित मलिन बस्ती के 116 परिवारों को काठबंगला में बने आवास आवंटित किए जाएंगे। सेवानिवृत्त अग्निवीरों की सहायता के लिए समर्पित प्रकोष्ठ बनेगा, जिसके लिए 6 संविदा पद सृजित किए गए हैं। ‘उत्तराखंड सरकारी सेवक वेतन नियम-2016’ में संशोधन कर लेवल-13 क के बाद के लेवलों को पुनर्गठित (लेवल-14 व 15) किया गया है।

Exit mobile version