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उत्तराखंड: इस विश्वविद्यालय की अनूठी पहल: अब पाठ्यक्रम में शामिल होगी उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत व स्वामी मन्मथन के जीवन से प्रेरणा लेगी नई पीढ़ी

उत्तराखंड:उत्तराखंड में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय (HNBGU) उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक जनआंदोलनों और समाज सुधारकों से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए एक खास कदम उठाने जा रहा है।

विश्वविद्यालय का खास कदम

इसके तहत विश्वविद्यालय ने अपने शैक्षणिक सुधारों के तहत समाज के लिए समर्पित स्वामी मन्मथन के जीवन, संघर्ष और योगदान को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें आगामी जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थी उनके विचारों और सामाजिक कार्यों का गहराई से अध्ययन कर सकेंगे। जिसमें विश्वविद्यालय का समाजशास्त्र विभाग स्वामी मन्मथन के जीवन, विश्वविद्यालय स्थापना आंदोलन में उनकी भूमिका और सामाजिक बदलावों के लिए किए गए उनके कार्यों पर आधारित विशेष अध्ययन सामग्री तैयार कर रहा है। यह सामग्री पीजी स्तर पर समाजशास्त्र विषय के ‘सामाजिक आंदोलन’ पेपर में एक अध्याय के रूप में पढ़ाई जाएगी। वर्तमान में इसे एमए (MA) और एमएसडब्ल्यू (MSW) के छात्रों के लिए लागू किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में स्नातक (BA) स्तर पर भी इसे शामिल करने की योजना है।

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