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उत्तराखंड: बदरीनाथ धाम: दान-चढ़ावे में पारदर्शिता के लिए बदले नियम, अब ‘बिना जेब’ की ड्रेस में तैनात होंगे कर्मचारी, सीसीटीवी से होगी निगरानी

उत्तराखंड: गोपेश्वर (चमोली): बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे में हेराफेरी के मामलों के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने सख्त कदम उठाए हैं।

उठाए यह सख्त कदम

इसके तहत अब मंदिर समिति ने दशकों पुरानी गणना प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है और कई नए सुरक्षा मानक लागू किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि अब चढ़ावा गणना में लगे सभी कार्मिकों को ‘बिना जेब’ वाली ड्रेस पहनना अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गणना के दौरान कोई भी व्यक्ति अपने साथ कोई बाहरी सामान या नकदी न ले जा सके।
​सीसीटीवी से निगरानी

​साथ ही थाली भेंट गणना स्थल पर अब सीसीटीवी कैमरों की संख्या एक से बढ़ाकर तीन कर दी गई है। इन कैमरों में गणना की पल-पल की रिकॉर्डिंग होगी। वहीं एक विशेष कंट्रोल रूम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। यदि किसी भी प्रकार का संदेह होता है, तो संबंधित कर्मचारी तत्काल मंदिर अधिकारी को सूचित करेंगे। गणना में शामिल होने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों का पूरा विवरण एक आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।

सख्त प्रोटोकॉल लागू

साथ ही ​अब गणना स्थल की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किया गया है। गणना में सहयोग करने वाले साधु-संतों, स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को अब पहले अपनी तलाशी देनी होगी, जिसके बाद ही उन्हें गणना स्थल पर जाने की अनुमति मिलेगी। ​बीकेटीसी ने गणना प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए एक बार में कम से कम पांच कर्मचारियों की मौजूदगी को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही, मंदिर समिति गणना में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जल्द ही एक विशेष ड्रेस कोड भी तय करने जा रही है।

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