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उत्तराखंड बोर्ड 2026: अब कॉपी जांचते ही ऑनलाइन अपलोड होंगे अंक, त्रुटिहीन रिजल्ट के लिए ‘डिजिटल’ हुआ मूल्यांकन

​उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) ने इस वर्ष 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम को अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनाने के लिए खास बदलाव किया है।

हुआ यह बदलाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव किया है। परिषद अब पारंपरिक ‘चार्ट प्रणाली’ को छोड़कर ऑनलाइन अंक फीडिंग की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के समापन के बाद अब कॉपियों की जांच का कार्य अगले सप्ताह से शुरू होने वाला है। नई व्यवस्था के तहत, मूल्यांकन केंद्रों पर जैसे ही शिक्षक उत्तर पुस्तिका की जांच पूरी करेंगे, वैसे ही विद्यार्थियों के प्राप्तांक सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। इससे पहले अंकों का अलग से मैन्युअल चार्ट तैयार करना पड़ता था, जिसमें काफी समय बर्बाद होता था। इस वर्ष प्रदेश भर से कुल 2,16,121 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हैं। जिसमें हाईस्कूल (10वीं) में 1,12,679 छात्र व इंटरमीडिएट (12वीं) में 1,03,442 छात्र शामिल हुए हैं।

​दो स्तरीय जांच प्रणाली

​रिजल्ट में मानवीय त्रुटियों और अंकों के गलत योग (Totaling Error) को रोकने के लिए परिषद ने टू-टियर वेरिफिकेशन लागू किया है। जिसमें
• ​प्रारंभिक मूल्यांकन: संबंधित शिक्षक कॉपी जांचकर अंक देगा।
• ​ऑनलाइन मिलान: पोर्टल पर अंक दर्ज करने वाला शिक्षक एक बार फिर से कुल अंकों का मिलान करेगा। यदि जोड़ में कोई भी त्रुटि पाई गई, तो उसे तत्काल मौके पर ही सुधार लिया जाएगा।

कहीं यह बात

इस संबंध में डॉ. मुकुल कुमार सती, सभापति, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने बताया कि मूल्यांकन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए अंकों को सीधे मूल्यांकन स्थल से ही ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इससे न केवल शिक्षकों का कीमती समय बचेगा, बल्कि त्रुटियों की संभावना भी न्यूनतम हो जाएगी, जिससे हम निर्धारित समय पर सटीक परिणाम घोषित कर सकेंगे।

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