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उत्तराखंड कैडर का बढ़ा मान: अल्मोड़ा-नैनीताल की पूर्व डीएम वंदना सिंह अब संभालेंगी DDA की कमान, केंद्र सरकार ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

उत्तराखंड कैडर की वर्ष 2013 बैच की चर्चित आईएएस (IAS) अधिकारी वंदना सिंह को केंद्र सरकार ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

केंद्र सरकार ने उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) में कमिश्नर (लैंड मैनेजमेंट) के पद पर नियुक्त किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनकी यह नियुक्ति उप सचिव स्तर पर ‘सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम’ के तहत की गई है। उनका यह कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्षों तक अथवा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगा।


​इन जिलों की रहीं डीएम

​आईएएस वंदना सिंह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों की जिलाधिकारी (DM) रह चुकी हैं। उत्तराखंड के प्रशासनिक गलियारों में अल्मोड़ा जिले में बतौर डीएम उनके कार्यकाल और कड़े फैसलों को आज भी याद किया जाता है। उन्होंने राज्य के विभिन्न प्रमुख पदों पर रहते हुए उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता का प्रदर्शन किया। वर्ष 2021 में अल्मोड़ा की जिलाधिकारी बनते ही उन्होंने विकास कार्यों और प्रशासनिक कसावट पर विशेष ध्यान दिया था। नैनीताल में डीएम पद पर रहते हुए जब हल्द्वानी में हिंसा और तनाव फैला, तो उन्होंने बेहद निडरता और सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित किया, जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई। वे रुद्रप्रयाग की भी डीएम रहीं। केंद्र में प्रतिनियुक्ति से पूर्व वे उत्तराखंड में कृषि एवं उद्यान विभाग की महानिदेशक तथा योजना विभाग की अपर सचिव की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। वर्ष 2020 में रुद्रप्रयाग डीएम बनने के दौरान महज 13 दिनों के भीतर उनका तीन बार स्थानांतरण हुआ था, जिसके चलते वे काफी चर्चा में रही थीं। डीएम के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद वे उत्तराखंड में कृषि एवं उद्यान विभाग की महानिदेशक तथा योजना विभाग की अपर सचिव की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

वर्षपद / जिम्मेदारी
2013उत्तराखंड कैडर में आईएएस अधिकारी के रूप में चयन
2017–2020पिथौरागढ़ की पहली महिला सीडीओ (‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर)
2020रुद्रप्रयाग की डीएम और तत्पश्चात केएमवीएन (KMVN) की एमडी
2021अल्मोड़ा जिले की जिलाधिकारी
2023 (मई)नैनीताल की 48वीं जिलाधिकारी के रूप में तैनाती
2026DDA, नई दिल्ली में कमिश्नर (लैंड मैनेजमेंट) नियुक्त


​बिना कोचिंग हासिल की AIR-8

​हरियाणा के एक छोटे से गांव नसरुल्लागढ़ की रहने वाली वंदना सिंह का आईएएस बनने का सफर प्रेरणादायक रहा है। उनके गांव में कोई स्कूल नहीं था और लड़कियों की पढ़ाई को लेकर सामाजिक बाधाएं थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने परिवार को मनाया और मुरादाबाद गुरुकुल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। उन्होंने कन्या गुरुकुल भिवानी से संस्कृत ऑनर्स किया और डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से एलएलबी (LLB) की डिग्री ली। किसी कोचिंग के बिना, प्रतिदिन 12 से 14 घंटे की सेल्फ-स्टडी के बल पर उन्होंने वर्ष 2012 की यूपीएससी परीक्षा में महज 24 साल की उम्र में पूरे देश में 8वीं रैंक हासिल की।

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