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उत्तराखंड: कांग्रेस का ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ आंदोलन: उत्तराखंड में 6 पर्यवेक्षक नियुक्त, इतने अक्टूबर से 27 जिलों में संभालेंगे मोर्चा

​उत्तराखंड: कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर उत्तराखंड में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ आंदोलन को गति देने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं।

आंदोलन की गति तेज

इसी कड़ी में कांग्रेस हाईकमान ने आंदोलन के सफल संचालन और निगरानी के लिए छह पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह सभी पर्यवेक्षक 25 अक्टूबर से राज्य के 27 सांगठनिक जिलों में उतरकर आंदोलन का मोर्चा संभालेंगे। यह राज्यव्यापी अभियान दो माह तक चलेगा। इस अभियान के तहत पर्यवेक्षक मतदाता सूची में पारदर्शिता, मताधिकार की सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जनता से सीधा संवाद करेंगे। इसके अलावा, मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के दौरान छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में दर्ज कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

​हाईकमान को सीधे जाएगी प्रगति रिपोर्ट

अभियान को असरदार बनाने के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों को बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया है। पर्यवेक्षक दीपक राठौर ने बताया कि वे 25 अक्टूबर से अपने आवंटित क्षेत्रों का दौरा शुरू करेंगे। अभियान के दौरान उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां एसआईआर प्रक्रिया में लोगों के नाम कटे हैं।
​पर्यवेक्षक प्रेस कॉन्फ्रेंस, बैठकों और रैलियों के जरिए ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को जनता के बीच उठाएंगे और अपनी रिपोर्ट सीधे पार्टी हाईकमान को सौंपेंगे।
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​पर्यवेक्षक सूची

• ​संजना जाटव: देहरादून महानगर, पछवादून, परवादून, कोटद्वार ग्रामीण व कोटद्वार महानगर
• ​दीपक राठौर: नैनीताल, हल्द्वानी, रानीखेत, रुद्रपुर व काशीपुर
• ​आफताब अहमद: रुड़की ग्रामीण, रुड़की महानगर, हरिद्वार ग्रामीण, हरिद्वार महानगर व ऊधम सिंह नगर
• ​संजय चोकर: बागेश्वर, पिथौरागढ़, डीडीहाट, चंपावत व अल्मोड़ा
• ​अमित सिहाग: टिहरी, देवप्रयाग, उत्तरकाशी व पुरोला
• ​राजेश गर्ग: पौड़ी, रुद्रप्रयाग व चमोली

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