उत्तराखंड: अज्ञात वाहन की टक्कर (हिट एंड रन) से होने वाले हादसों में पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में अब लापरवाही बरतने पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
तय की जवाबदेही
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिककेंद्र सरकार ने इस संबंध में अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय कर दी है। यदि कोई संबंधित अधिकारी प्रकरण को आगे बढ़ाने या पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने में ढिलाई बरतता है, तो उस पर 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। दरअसल मोटर यान अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत ‘सोलेशियम स्कीम’ में अज्ञात वाहनों की दुर्घटना के पीड़ितों को त्वरित राहत देने का प्रावधान है।
• मृत्यु होने पर: पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये का मुआवजा।
• गंभीर रूप से घायल होने पर:50 हजार रुपये की सहायता राशि।
यह प्रावधान भी
पहले इस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अधिकतम 25,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान था, जिसे अब संशोधित कर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया है। संशोधित नियमों के तहत एक और बड़ा राहतकारी बदलाव किया गया है। यदि सुनवाई के दौरान पीड़ित को इलाज या अन्य आपातकालीन जरूरतों के लिए कोई अंतरिम राशि दी जाती है, तो अंतिम निर्णय में राशि कम रहने पर भी पीड़ित से अंतरिम राशि वापस नहीं वसूली जाएगी। पहले अधिक भुगतान होने पर शेष राशि वापस करने का नियम था।