उत्तराखंड: उत्तराखंड के जंगलों में धधकती आग (वनाग्नि) पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है।
वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई
इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते कल शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल, स्वास्थ्य और आगामी मानसून की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को ‘मिनिमम रिस्पांस टाइम’ (न्यूनतम प्रतिक्रिया समय) पर काम करने की हिदायत दी।
दिए यह निर्देश
इसके अलावा सीएम नेस्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जंगलों में आग लगने की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित वनाधिकारी का मौके पर पहुंचना अनिवार्य होगा। मैदानी स्तर पर वन रक्षकों (फॉरेस्ट गार्ड) की कमी को दूर करने के लिए वन विभाग को तत्काल 1,000 नई भर्तियां करने के निर्देश दिए गए हैं। अल्मोड़ा के प्रसिद्ध ‘शीतलाखेत मॉडल’ (सामुदायिक सहभागिता से आग पर काबू पाना) को अब पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। ग्राम वनाग्नि प्रबंधन समितियों और वन पंचायतों को आग की रोकथाम के लिए आवश्यक बजट सीधे उपलब्ध कराया जाएगा।