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उत्तराखंड: दीपावली पर उल्लुओं और निशाचर वन्यजीवों के शिकार की आशंका, वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट

​उत्तराखंड: दीपावली के पर्व पर वन्यजीवों, विशेषकर उल्लुओं के अवैध शिकार और तस्करी की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड वन विभाग अलर्ट मोड पर हैं।

वन विभाग अलर्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वहीं त्योहार के दौरान अंधविश्वास और तांत्रिक गतिविधियों के नाम पर वन्यजीवों के दुरुपयोग को रोकने के लिए विभाग ने कमर कस ली है। जिस पर प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल ने इस संबंध में सभी वन प्रभागों के डीएफओ (प्रभागीय वनाधिकारी) और संरक्षित क्षेत्रों के निदेशकों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उल्लुओं समेत अन्य निशाचर वन्यजीवों को पकड़ने, उनका शिकार करने, उन्हें अवैध रूप से अपने कब्जे में रखने तथा उनके परिवहन और कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। वन्यजीवों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए प्रत्येक वन प्रभाग और संरक्षित क्षेत्र में एक नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जो पूरी निगरानी और कार्रवाई का समन्वय करेगा।

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​वन विभाग द्वारा जारी अन्य प्रमुख निर्देश

• ​त्वरित कार्रवाई: फंदे या जाल लगाकर वन्यजीवों को पकड़ने या अवैध रूप से रखने की सूचना मिलते ही तुरंत एक्शन लिया जाए।
• ​गोपनीयता: सूचना तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए और सूचना देने वाले की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा जाए।
• ​सोशल मीडिया पर नजर: इंटरनेट मीडिया या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए होने वाली वन्यजीवों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं।
• ​सार्वजनिक स्थल: बाजारों, मेलों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर भी विशेष चौकसी बरती जाए।
• ​अंतर-विभागीय समन्वय: अवैध परिवहन और व्यापार को रोकने के लिए पुलिस और वन्यजीव अपराध नियंत्रण से जुड़ी अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की जाए।

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