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उत्तराखंड: वन विभाग हुआ अलर्ट, बढ़ी गश्त, दीपावली पर उल्लूओं की बढ़ी पहरेदारी, जानें क्यों खतरे में पड़ जाती है उल्लू‌ की जान

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। दीवाली का पर्व आने वाला है। ऐसे में पक्षी उल्लू की पहरेदारी भी बढ़ गई है। ऐसे में देहरादून वन प्रभाग ने हर साल की तरह इस बार भी संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग तेज कर दी है।

विभाग हुआ अलर्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए उत्तराखंड का वन विभाग अलर्ट हो गया है और गश्त बढ़ा दी हैं। साथ ही वन विभाग की अलग-अलग टीमों ने सभी बीट में डेरा डाल लिया है। रेंज और बीट स्तर पर कार्मिकों को रात्रि में सघन गश्त करने को कहा गया है। साथ ही स्थानीय समुदायों से संपर्क बढ़ाया गया है। जिससे किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी अमित कंवर ने बताया कि वन्यजीव तस्करी में संलिप्त नेटवर्क को रडार पर रखा गया है। मुखबिर तंत्र से उनकी हरकतों पर पैनी निगाह रखी जा रही है।

अंधविश्वास के चलते करते हैं उल्लू का शिकार

रिपोर्ट्स के मुताबिक धार्मिक मान्यता के अनुसार पक्षी उल्लू लक्ष्मी जी का वाहन माना जाता है। साथ ही इसको शुभता और धन का प्रतिक भी माना जाता है। वहीं कुछ अंधविश्वास से जुड़ी बातें भी है । जो‌ उल्लू से जुड़ी हुई है। इसी वजह से दीवाली पर्व आते ही उल्लुओं के शिकार की आशंका भी बढ़ जाती है। दिवाली पर तांत्रिक काला जादू करने के लिए उल्लू के अंग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में उल्लू की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ी है।

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