उत्तराखंड: गैरसैंण (भराड़ीसैंण): गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आयोजित मौजूदा सरकार का अंतिम विधानसभा सत्र कई मायनों में यादगार रहने के साथ-साथ निराशाजनक मोड़ पर समाप्त हुआ।
विधानसभा सत्र
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सत्र का समापन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे टकराव की भेंट चढ़ गया। जनता को उम्मीद थी कि इस महत्वपूर्ण सत्र में जनहित और राज्य के विकास से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन आपसी हंगामे के कारण प्रश्नकाल और अन्य महत्वपूर्ण विषय धरे के धरे रह गए। मौजूदा विधानसभा का अंतिम सत्र होने के कारण सरकार ने अनुपूरक बजट और अन्य अहम विधेयकों को पेश करने के लिए ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को चुना था। रिपोर्ट्स के मुताबिक सत्र के पहले दिन सदन ने पूर्व मुख्यमंत्री जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि) और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की। सर्वसम्मति से दी गई इस श्रद्धांजलि के बाद सदन रिकॉर्ड लगातार 7 घंटे तक चला। हालांकि, दूसरे दिन माहौल पूरी तरह बदल गया। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच प्रश्नकाल जैसे-तैसे पूरा हुआ। इसके बाद भी जब हंगामा शांत नहीं हुआ, तो सरकार ने बिना किसी विस्तृत चर्चा के विधायी कार्यों को निपटाया। नतीजा यह रहा कि दूसरे दिन का सत्र महज 1 घंटे और 4 मिनट में ही सिमट कर समाप्त हो गया।
पारित हुए मुख्य विधेयक
1. उत्तराखंड विनियोग (अनुपूरक) विधेयक
2. उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक
3. उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक
4. उत्तराखंड निवेश और आधारित संरचना (विकास और विनियमन) (संशोधन) विधेयक
5. उत्तराखंड जनविश्वास (उपबंधों का संशोधन) द्वितीय विधेयक
6. उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) विधेयक
7. उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक
8. उत्तराखंड सिविल विधि (संशोधन) विधेयक
9. उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा (संशोधन) विधेयक
10. उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक
• इसके अलावा, सदन के पटल पर दो अध्यादेश—उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) अध्यादेश तथा उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश भी प्रस्तुत किए गए।