उत्तराखंड: उत्तराखंडराज्य में चीनी की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी पर लगाम कसने के लिए प्रदेश सरकार ने एक नया और हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय कर दिया है।
रखी जाएगी पैनी नजर
इसके तहत चीनी की खरीद और वास्तविक खपत पर ऑनलाइन पैनी नजर रखी जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नई व्यवस्था के तहत चीनी मिलों और बड़े डीलरों द्वारा थोक उपभोक्ताओं को की जाने वाली बिक्री का मिलान सीधे उनके GST रिटर्न से किया जाएगा। बाजार से खरीदी गई चीनी की मात्रा और संबंधित उपभोक्ता की वास्तविक खपत का डिजिटल विश्लेषण कर यह तुरंत पता लगा लिया जाएगा कि कहीं जरूरत से ज्यादा स्टॉक तो जमा नहीं किया जा रहा है।
सितंबर से लागू होगी व्यवस्था
नए नियमों के अनुसार हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी की खपत करने वाले थोक उपभोक्ता इसके दायरे में आएंगे। ऐसे उपभोक्ता अपनी 15 दिनों की आवश्यकता से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेंगे। सरकार द्वारा तय की गई यह नई स्टॉक सीमा और डिजिटल निगरानी व्यवस्था 1 सितंबर से प्रभावी होगी और 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।