October 22, 2021

उत्तराखंड प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं के खर्च में हिमालय राज्यों में सबसे पीछे, एसडीसी ने जारी की फ़ैक्टशीट

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उत्तराखण्ड: हिमालयी राज्यों में प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य बजट खर्च में उत्तराखंड सबसे पीछे है। प्रदेश में पिछले तीन सालों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन मात्र 5.38 रुपये स्वास्थ्य पर खर्च किए जा रहे हैं।यह फैक्टशीट आरबीआई की स्टेट फाइनेंस रिपोर्ट 2019 के आधार पर तैयार की गई है। फैक्टशीट के अनुसार प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं में किये गये खर्च में उत्तराखंड दस हिमालयी राज्यों में सबसे निचले पायदान पर है।

उत्तराखंड की तुलना में हिमाचल ने प्रति व्यक्ति पर 72 फीसद अधिक खर्च

वर्ष 2017 से 2019 के बीच उत्तराखंड ने इन तीन वर्षों में सबसे कम मात्र 5887 रुपये प्रति व्यक्ति खर्च किये हैं। जबकि हिमालयी राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं पर अरुणाचल प्रदेश ने सबसे ज्यादा 28417 रुपये प्रति व्यक्ति खर्च किये हैं । इसके अलावा हिमालयी राज्य सिक्किम ने इस दौरान 21137, मिजोरम ने 16712, हिमाचल प्रदेश ने 10176, मेघालय ने 9856, जम्मू व कश्मीर ने 9469, मणिपुर ने 7755 और त्रिपुरा ने 7156 रुपये प्रति व्यक्ति जन स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च किये हैं। नॉर्थईस्ट के हिमालयी राज्यों ने पिछले तीन सालों में प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं में राष्ट्रीय औसत से करीव तीन गुना ज्यादा धनराशि खर्च की है। पड़ोसी राज्य हिमाचल ने उत्तराखंड की तुलना में प्रति व्यक्ति पर 72 फीसद ज्यादा खर्च किया है ।

स्वास्थ्य सुविधाओं में की जाये वृद्धि

एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल के अनुसार इस समय जब राज्य में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर काफी हद तक मंद पड़ रही है, यह सही समय है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किये जाने वाले बजट पर बात की जाए। सरकार को स्वास्थ्य बजट में वृद्धि करनी चाहिए, उनके मुताविक महज 5.38 रुपये प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के व्यय से पर्वतीय राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नहीं करायी जा सकती ।
सरकार को स्वास्थ्य वजट में वृद्धि करनी चाहिए

स्वास्थ्य सुविधाओं से हम कोषों दूर हैं

फाउंडेशन के रिसर्च हेड ऋषभ श्रीवास्तव कहते हैं कि स्वास्थ्य बजट के हिमालयी राज्यों के आंकड़ो से साफ पता चलता है की हमारी स्थिति लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में इतनी खराब क्यों है । राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 में स्पष्ट उल्लेख है कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष कम से कम 3800 रुपये खर्च किये जाने चाहिए,लेकिन हम अभी इस स्थिति से कोषों दूर हैं।