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उत्तराखंड: साहित्यकार इंजी. ललित शौर्य की पुस्तक गुलदार दगड़िया का विमोचन, जन जागरूकता के लिए बताया अहम

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के देहरादून में उत्तराखंड के यशस्वी बाल साहित्यकार इंजी. ललित शौर्य के बाल कहानी संग्रह गुलदार दगड़िया का विमोचन हुआ।

वन एवं भाषा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया विमोचन

जो वन एवं भाषा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। साहित्य की 12 वीं पुस्तक का विमोचन वन मंत्री के कैम्प कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस मौके पर गुलदार दगड़िया के विमोचन अवसर पर मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह पुस्तक जनजागरूकता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें गुलदार, सर्पदंश, जंगलों में लगने वाली आग, वृक्षारोपण जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील विषयों को रेखांकित किया गया है। गुलदार एवं अन्य जंगली जीव खाद्य श्रृंखला के लिए महत्वपूर्ण जीव हैं। हमें गांव के सीमाओं पर बचा खाना, मरे जानवरों के शव आदि नहीं फेकने चाहिए। जंगली जानवरों का आबादी की ओर आना बड़ी चिंता की बात है। जिस पर कार्य किया जा रहा है। यह पुस्तक भी गुलदार के सम्बंध में जानकारी देती है। साथ ही हिंसक जीवों से बचाव एवं पर्यावरण के महत्व को दर्शाती है।

डीएफओ पिथौरागढ़ जीवन मोहन दगाड़े ने दी प्रेरणा- शौर्य

पुस्तक के लेखक इंजी. ललित शौर्य ने कहा कि आज बच्चों में पर्यावरण एवं वन्य जीवों के बारे में जानकारी होनी अत्यंत आवश्यक है। अगर बच्चे वन्य जीवों के व्यवहार से अवगत होंगे तो किसी भी बड़ी घटना से बचा जा सकता है। युवा बाल साहित्यकार द्वारा बहुत कम समय में 12 स्तरीय पुस्तकों का लिखा जाना मील का पत्थर स्थापित करने जैसा है। यह पुस्तक गुलदार दगड़िया निश्चित ही आम जनमानस एवं बच्चों को पसंद आएगी। शौर्य के मोबाईल नहीं, पुस्तक दो अभियान की चर्चा पूरे प्रदेश में है जो नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण मुहिम साबित हो रही है। शौर्य ने बताया कि इस पुस्तक को लिखने की प्रेरणा उन्हें डीएफओ पिथौरागढ़ जीवन मोहन दगाड़े ने दी।‌ साथ ही सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त किया।

यह लोग रहें उपस्थित

इस अवसर पर रोशन रांगड़, प्रदीप भट्ट, अनमोल सिंह, पंकज कुमार, रघुवर बिष्ट समेत अनेक लोग उपस्थित रहें।

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