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उत्तराखंड: धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: अग्निवीरों के लिए नई आरक्षण नियमावली मंजूर, कई जनहितकारी प्रस्तावों पर भी मुहर

​उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

दी मंजूरी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में राज्य के समग्र विकास, अवस्थापना सुदृढ़ीकरण, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और जनहित से जुड़े कई बड़े और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दी।

कैबिनेट बैठक के प्रमुख निर्णय

• ​ अग्निवीरों के लिए नई आरक्षण व छूट नियमावली
​उत्तराखंड सरकार ने सेवामुक्त अग्निवीरों को राहत देते हुए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती के लिए ‘क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब अग्निवीरों को लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
• ​मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना
​असाधारण साहस, पराक्रम और मानवीय संवेदना का परिचय देने वाले प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित व प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना’ को हरि झंडी दिखाई गई।
• ​ ऋषिकुल संस्थान बनेगा ‘प्राच्य शोध व आध्यात्मिक केंद्र’
​हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास के लिए एक सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसे योग, आयुर्वेद, ज्योतिष, ललित कला, दर्शनशास्त्र और आध्यात्मिक पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
​4. विधानसभा में प्रस्तुत होंगे नए विधेयक
• ​द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026: छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक बनाने और मामूली तकनीकी त्रुटियों पर प्रशासनिक दंड की व्यवस्था कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए इसे विधानसभा में लाने की मंजूरी दी गई।
• ​उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026: भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप प्रदेश की फायर सेवाओं को आधुनिक व प्रभावी बनाने के लिए नए विधेयक को मंजूरी।
• ​विधानसभा सत्र: पंचम विधानसभा का वर्ष 2026 का तृतीय सत्र आहूत करने की मंजूरी दी गई, जिसकी तिथि और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
• ​ बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026
​बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग को विनियमित करने और प्राकृतिक जल प्रवाह को बनाए रखते हुए जन-धन व परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए इस नियमावली को स्वीकृत किया गया।
• ​परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण का 92% हिस्सा संस्थाओं को: उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना अधिनियम की अनुसूची में संशोधन कर विनिवेश/मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92% हिस्सा संबंधित सार्वजनिक निकायों को देने का फैसला किया गया।
• ​स्वजल के 215 पदों को विस्तार: स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता को 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी गई।
• ​संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकार: वित्तीय अधिकारों के निष्पादन के लिए ‘निदेशक, कला एवं संस्कृति’ के स्थान पर ‘महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय’ को प्रतिस्थापित किया गया।
• ​आवासीय परियोजना में छूट: हरिद्वार के ग्राम सिसौना में पीएम आवास योजना के तहत सड़क की चौड़ाई के मानक में 3 मीटर की शिथिलता (6 मीटर उपलब्ध सड़क को मंजूरी) दी गई।
• ​त्रुटि सुधार: ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में भू-उपयोग परिवर्तन के एक पुराने आदेश में खसरा संख्या (321/1अ के स्थान पर 321/2अ) की लिपिकीय त्रुटि को सुधारा गया।

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