Site icon Khabribox

उत्तराखण्ड- पर्वतीय क्षेत्रों में  लगातार हो रही बारिश से कई सड़के  बंद, यातायात हुआ बाधित

बरसात का मौसम चल रहा है और प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का प्रकोप अपने चरम पर है। भूस्खलन और बाढ़ से राज्य के कई क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

कुमाऊं में 4 दिनों से लगातार हो रही बारिश, कई सड़कें बंद, यातायात हुआ बाधि

अल्मोड़ा जिले सहित  में कुमाऊं मंडल के नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिले में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। भूस्खलन के चलते इस पूरे क्षेत्र में 78 सड़कें बंद हो गयी हैं जबकि अकेले पिथौरागढ़ जनपद में 22 सड़कों का यातायात बाधित है।

सीमान्त क्षेत्रों में बारिश से भारी नुकसान, आपदा प्रबंधन के लिए कई टीमें हुई तैनात

चीन सीमा को जोड़ने वाले दो बार्डर रोड धारचूला से तवाघाट और तवाघाट-सोबला भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा सीमांत के धारचूला के ऐलाधार में हुए भूस्खलन से 40 परिवार प्रभावित हुए हैं। यहाँ कई मकान भूस्खलन से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिला नियंत्रण कक्ष से मिली सूचना के अनुसार 40 परिवारों को यहां से विस्थापित कर कुमाऊं मंडल विकास निगम के अतिथि गृह व स्कूलों में ठहराया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिये मौके पर सेना, राज्य आपदा प्रबंधन बल व पुलिस के जवानों की तैनाती की गयी है।

खराब मौसम और क्षतिग्रस्त मार्ग दे रहा सड़क दुर्घटनाओं को न्यौता

नैनीताल जिले में भी 23 सड़के भूस्खलन से प्रभावित हुई हैं। भवाली-नैनीताल मार्ग का यातायात आज भी बाधित रहा। इसके अलावा बागेश्वर जनपद में 19, अल्मोड़ा मे 07 व चंपावत में भी 07 सड़के बंद पड़ी हैं। सूचना के अनुसार बागेश्वर के गरूड़ तहसील में शुक्रवार रात को एक बड़ा हादसा होने से टल गया। रियूनी-लखमार मार्ग पर एक कार नाले में बहती हुई लगभग 150 मीटर दूर जाकर एक बोल्डर पर अटक गयी जिससे कार सवार महेश नेगी और हरीश राम बुरी तरह घायल हो गए।

Exit mobile version