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उत्तराखंड: दयारा बुग्याल में लापता बबीता की खोजबीन में 120 जवानों का महा-अभियान जारी, ‘अल्फा, बीटा, गामा’ तकनीक से मिली अंतिम लोकेशन

उत्तराखंड: प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से कुछ दिनों पहले रहस्यमय ढंग से लापता हुईं रामनगर (नैनीताल) की एमबीए छात्रा बबीता पांडे की तलाश में सर्च ऑपरेशन अब और तेज हो गया है।

सर्च अभियान जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना के 11वें दिन भी पुलिस और बचाव दल युद्धस्तर पर खोजबीन में जुटे हैं। इस बीच पुलिस को बबीता के मोबाइल डेटा से एक बड़ा सुराग हाथ लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बबीता पांडे का मोबाइल फोन घटना की रात करीब डेढ़ बजे तक सक्रिय (एक्टिव) था। मोबाइल ऐप के बैकएंड डेटा का विश्लेषण करने के लिए जांच टीम ने ‘एल्फा, बीटा व गामा’ जैसी अत्याधुनिक तकनीकी प्रणालियों का इस्तेमाल किया। तकनीकी जांच में बबीता की अंतिम मोबाइल लोकेशन दयारा बुग्याल के प्रमुख पड़ाव ‘गोई’ से करीब 200 मीटर नीचे की ओर पाई गई है। रेस्क्यू टीमें अब इस अंतिम लोकेशन को केंद्र मानकर घने जंगलों और खाईयों में अपनी सर्चिंग को और सघन कर रही हैं।

​120 सदस्यों की टीम और 3 ड्रोन उड़ाए

​मंगलवार को खोज अभियान के 11वें दिन उत्तरकाशी के सीओ जनक सिंह पंवार और बड़कोट के सीओ चंचल शर्मा के नेतृत्व में एक विशाल संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जिसमें पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), आईटीबीपी (ITBP), वन विभाग, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), आपदा प्रबंधन की क्यूआरटी (QRT), डॉग स्क्वायड के साथ स्थानीय लोग और ट्रेकिंग गाइड शामिल हैं। कुल 120 से अधिक सदस्यों को तीन अलग-अलग टीमों में बांटकर पूरे पहाड़ी इलाके को खंगाला गया। आसमान से नजर रखने के लिए तीन ड्रोन टीमों को भी काम पर लगाया गया है। हालांकि, भारी प्रयासों के बाद भी अभी तक बबीता का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
​”परियों ने किया हरण”— इंटरनेट पर फैली रूढ़िवादी अफवाहों का खंडन

​बबीता के लापता होने के बाद से सोशल मीडिया (इंटरनेट मीडिया) पर कई तरह की अंधविश्वासी बातें और अफवाहें तैर रही हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि दयारा बुग्याल में ‘परियों’ ने छात्रा का हरण कर लिया है। भटवाड़ी की पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनीता रावत ने इन चर्चाओं पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे पूरी तरह बकवास और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर परियों द्वारा हरण किए जाने की जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह से अफवाह और रूढ़िवादी सोच को बढ़ावा देने वाली हैं। ऐसी संवेदनशील घड़ी में लोगों को अंधविश्वास से बचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने जिला व पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बिना वक्त गंवाए खोजबीन अभियान में और ज्यादा तेजी लाई जाए ताकि बबीता को सकुशल वापस लाया जा सके।

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