October 22, 2021

अल्मोड़ा : एन आर एच एम के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने कुम्भ मेले में तैनात चिकित्सा अधिकारियों व् कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त किये जाने के सम्बन्ध में,जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन ।

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कोरोना के आये दिन मामलें बढ़ते जाने से अस्पतालों में डॉ०और स्टाफ कर्मचारियों की कमी के चलते मरीजों को असुविधा हो रहीं हैं । जिसके चलते एन आर एच एम (कैबिनेट स्तर) के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने इस संबंध में ज्ञापन सौंपा ।

जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन –

एन आर एच एम (कैबिनेट स्तर) के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने हरिद्वार कुम्भ मेले की समाप्ति और  कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए कुम्भ में तैनात चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त किये जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के माध्यम से मुख्यमंत्री को आज  ज्ञापन सौंपा गया  ।

एन आर एच एम (कैबिनेट स्तर) के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि-

एन आर एच एम (कैबिनेट स्तर) के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने ज्ञापन में कहा कि  पर्वतीय जनपदों में कोरोना संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है । जिसकी रोकथाम हेतु जनपदों के चिकित्सालयों में स्टाफ की कमी बनी हुई हैं क्योंकि अधिकाँश चिकित्सक जिनमे पैथालॉजी, फार्मशिस्ट, स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय हैं इन सभी की ड्यूटी कुम्भ में लगायी गयी थी । उन्होंने ये भी कहा क़ि बिना स्टाफ के कैसे कोरोना से लड़ा जा सकता है और कोरोना मरीजों का उपचार कैसे किया जा सकता है ? अल्मोड़ा जैसे जनपद का  अधिकाँश स्टाफ हरिद्वार कुम्भ मेले में तैनात किया गया था जिस वजह से चिकित्सालयों में दिक्कतें हो रही हैं । अब, जब हरिद्वार कुम्भ मेला समाप्ति की और बढ़ गया है तो ऐसे में जल्द से जल्द ड्यूटी में तैनात चिकित्सा अधिकारी /कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त करने का आदेश दिया जाए जिससे सभी जनपदों में कोरोना के चलते  मरीजों के उपचार हेतु चिकित्सकों की कमी न् हो ।

स्टाफ नर्स की भर्ती हो प्रशिक्षित वारिष्ठता के आधार पर –

एन आर एच एम (कैबिनेट स्तर) के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने  स्टाफ नर्स की नियुक्ति हेतु कहा कि  राज्य में चिकित्सालयों में स्टाफ नर्स की नियुक्ति प्रक्रिया बिना किसी परीक्षा के मात्र वरिष्ठता के आधार पर होती थी, नियुक्ति के लिए किसी भी प्रकार की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पडता था । वर्तमान में यह परीक्षा न् होने के कारण अवरुद्ध है ।इस प्रकार स्टाफ नर्स  की नियुक्ति पूर्व की भांति प्रशिक्षित नर्सों  में से वारिष्ठता के आधार पर करने की मांग की है, ताकि प्रशिक्षित स्टाफ नर्स का सहयोग इस कोविड काल में प्राप्त हो सकें ।