October 23, 2021

उत्तराखंड: सरकार के उदासीन रवैया से मनरेगा कर्मी परेशान, जल्दी ही अगर कैबिनेट में उनकी मांगों को लेकर नहीं उठाया गया कदम, तो सभी मनरेगा कर्मी देंगे सामूहिक इस्तीफा…

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मनरेगा कर्मी की मांगों को किया जाए पूरा वरना देंगे सामूहिक इस्तीफा ।

देहरादून, 15 मार्च से जनपद के मनरेगा कर्मी प्रदेश संगठन के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं । कल बृहस्पतिवार को मनरेगा कर्मियों के आंदोलन का 45 वां दिन था प्रदेश संगठन के साथ  जनपद के मनरेगा कर्मी भी देहरादून सहस्त्रधारा रोड एकता विहार मैदान में धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं ।

सरकार के उदासीन रवैया से मनरेगा कर्मी परेशान..

मनरेगा कर्मियों को अभी तक विभिन्न जनप्रतिनिधि संगठन एवं नेताओं का सहयोग प्राप्त हो रहा है लेकिन सरकार का उदासीन रवैया से मनरेगा कर्मी बहुत हताहत हैं ।

मंत्रियों को सौंपा मांग पत्र, फिर भी नहीं लिया गया कोई ठोस निर्णय…

अभी तक मनरेगा कर्मी प्रदेश अध्यक्ष सुंदरमणी सेमवाल के नेतृत्व में तीन बार मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं इसके अलावा अन्य कैबिनेट मंत्रियों बिशन सिंह चुफाल सतपाल महाराज सुबोध उनियाल यशपाल आर्य हरक सिंह रावत आदि से भी मनरेगा कर्मियों ने मुलाकात की है एवं अपनी मांग पत्र उन्हें सौंपा है जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगों को कैबिनेट में उठाया जाएगा । लेकिनकल 45 दिन बीत जाने के बाद भी  मनरेगा कर्मियों का मामला कैबिनेट में नहीं आने से मनरेगा कर्मियों में आक्रोश उत्पन्न हो गया है ।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण से मनरेगा कर्मी अपने सुरक्षा के लिए हो रहे परेशान…

एक तरफ जहां कोरोना दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा हैं  वहां इतने लंबे समय से धरने पर बैठे मनरेगा कर्मी अपनी सुरक्षा के प्रति चिंतित भी हैं एवं सरकार के उदासीन रवैया से उनमें भारी नाराजगी है ।

जल्द नहीं लिया गया निर्णय तो होगा उग्र आंदोलन…

प्रदेश अध्यक्ष सुंदरमणी सेमवाल का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो सभी मनरेगा कर्मी आंदोलन को और उग्र करेंगे एवं 4 मई को होने वाली कैबिनेट में उनका मुद्दा नहीं उठाया जाता है तो पूरे प्रदेश भर के मनरेगा कर्मी एक साथ सामूहिक इस्तीफा देंगे । तीन बार मुख्यमंत्री से मिलने के बाद यदि सरकार उनके मामले में गंभीर नहीं है जबकि ग्रामीण विकास विभाग स्वयं मुख्यमंत्री ने अपने पास रखा है लेकिन अभी तक मनरेगा कर्मियों के बारे में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है तो सभी मनरेगा कर्मी एक साथ सामूहिक इस्तीफा देंगे ।