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उत्तराखंड: नैनीताल हाईकोर्ट ने UCC को चुनौती देने वाली याचिका पर की सुनवाई, सरकार से चार हफ्ते में मांगा जवाब

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में बीते जनवरी माह में यूसीसी कानून लागू हो गया है। इससे जुड़ी जरूरी जानकारी सामने आई है।

दिए यह निर्देश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक UCC समान नागरिक संहिता को चुनौती देती देने वाली याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट ने सुनवाई की है। जिस पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

क्या यूसीसी में हो सकता है बदलाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रो.उमा भट्ट की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। यूसीसी के खिलाफ हाईकोर्ट में अब तक कई याचिकाएं दायर हो चुकी हैं। जिसमे ‘लिव इन रिलेशनशिप’ व ‘मुस्लिम समुदाय की विवाह पद्धति में किये गए बदलाव व मुस्लिम, पारसी के रीति रिवाजों की अनदेखी करने के प्रावधानों को चुनौती दी गई है। गुरुवार को नैनीताल निवासी प्रो. उमा भट्ट और अन्य की ओर से दायर जनहित याचिकाओं और एक लिव-इन जोड़े द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। हाई कोर्ट की खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति आशीष नैथानी शामिल हैं। इस सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज तिवारी व न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खण्डपीठ ने राज्य सरकार से याचिका में लगाये गए आरोपों पर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं । साथ ही सरकार को यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या वह यूसीसी के विवादास्पद प्रावधानों में संशोधन पर विचार कर सकती है।

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