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उत्तराखंड: नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना में हुआ फर्जीवाड़ा, दिए जांच के आदेश, जानें पूरा मामला

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना की शुरुआत प्रदेश सरकार ने बेटियों के पालन-पोषण और उनकी उच्च शिक्षा में परिवार की आर्थिक स्थिति बाधा न बने, इस मंशा से की।

नंदा गौरा योजना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस योजना में फर्जी आय प्रमाण पत्र के जरिए करोड़ों के गबन का मामला सामने आया है। हरिद्वार के सीडीओ प्रतीक जैन द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ है कि लोगों ने कंप्यूटर ऑपरेटर की मदद से अपने आय प्रमाण पत्रों में अपनी आय कम दर्ज कराई और सरकारी पैसे ऐंठ लिए। इन आवेदनों की जांच करने पर खुलासा हुआ कि 193 लोगों ने अपने फर्जी आय प्रमाण पत्र लगा दिए थे। जांच के बाद इन सभी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। जो लोग कंप्यूटर की मदद से ऐसे प्रमाणपत्र जारी करते हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। इसके जांच के आदेश दिए गए हैं।

वर्ष 2017 में योजना को दिया गया नया रूप

वर्ष 2017 में गौरा देवी कन्याधन योजना को नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना का रूप दिया गया। इसके संचालन का जिम्मा महिला एवं बाल विकास विभाग को दिया गया। इसमें बालिका के जन्म पर 11 हजार रुपये बालिका की मां के बैंक खाते में आते हैं और 12वीं उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपये की धनराशि बालिका के बैंक खाते में भेजी जाती है। ताकि वह उच्च शिक्षा का सफर बिना बाधा जारी रखकर अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। इसके लिए बालिका के जन्म के छह माह के भीतर और 12वीं का परिणाम आने के चार माह के भीतर आवेदन करना होता है।

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