उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। 15 जून यानी कल कैंची धाम का स्थापना दिवस है और इस वजह से कई रूट डायवर्ट किया गया है। दो साल बाद आयोजित हो रहे कैंची धाम स्थापना दिवस मेले में इस बार डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। कुमाऊं क्षेत्र की यात्रा पर निकलने से पहले आप रूट प्लान जरूर जान लें।
डायवर्ट रूट-
जिसमें 15 जून को हल्द्वानी से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ जाने वाले वाहन खुटानी मोड़, पदमपुर-पोखरा-कशियालेख-शीतला-मोना-ल्वेशाल होते हुए अल्मोड़ा निकलेंगे। हल्द्वानी से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ को जाने वाले वाहन 14 जून की शाम पांच बजे से खुटानी मोड़ भीमताल से पदमपुरी–पोखरा-कशियालेख-शीतला-मोना-ल्वेशाल होते हुए क्वारब को डायवर्ट किए जायेंगे। नैनीताल से अल्मोड़ा पिथौरागढ़ को जाने वाले वाहन भवाली रामगढ़ तिराहे से होते हुए मल्ला रामगढ़ और नथुवाखान को डायवर्ट किये जायेंगे। इसी प्रकार अल्मोड़ा- पिथौरागढ़ से हल्द्वानी की ओर आने वाले वाहन, शाम पांच बजे से क्वारब पुल से मोना –ल्वेशाल-शीतला-पदमपुरी होते हुए खुटानी बैंड से भीमताल की ओर डायवर्ट किया जायेंगे। रानीखेत से आने वाले भारी वाहन, यात्री वाहन शाम पांच बजे से बजे से खैरना पुल से क्वारब होते हुए मोना- ल्वेशाल-पदमपुरी से खुटानी बैण्ड से भीमताल को डायवर्ट किया जायेंगे । भवाली की ओर से आने वाले दोपहिया वाहन जंग्लात बैरियर से आगे नहीं जाएंगे । इस बैरियर पर (टैक्सी व बस ) शटल सेवा भी रोककर वापस भेजी जायेगी। हल्द्वानी, नैनीताल की ओर से निजी वाहनों से आने वाले श्रृद्धालुओ को पहले चरण में सिद्धि रेस्टोरेंट तक भेजा जाएगा जहां से हरतपा रोड व भवाली की ओर एकतरफा पार्किंग की जाएगी । द्वितीय चरण में इस स्थान में दबाव बढ़ने पर समस्त निजी वाहनो को भवाली में पार्क कर शटल सेवा से भेजा जायेगा । भवाली की तरफ से कैंची धाम जाने वाले शटल सेवा जंग्लात खण्डहर पर सवारी उतारकर वापस भवाली को आयेंगे । इसी प्रकार खैरना से कैंची की ओर आने वाले दर्शनार्थी शटल सेवा से पनीराम ढाबे तक आयेंगे तथा यात्रीयो को उतारकर वापस चले जायेंगे ।
15 जून-
उत्तराखंड के इस पावन तीर्थ स्थल कैंची धाम की ख्याति पूरे विश्व में है। 15 जून को यहां बड़े स्तर पर मेले का आयोजन किया जाएगा। 15 जून को विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में स्थापना दिवस मनाया जाता है।