उत्तराखंड: उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भर्ती गंभीर मरीजों के लिए धामी सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। इसके तहत पोर्टेबल एक्स-रे मशीन की तर्ज पर अब अस्पतालों में चलती-फिरती (मोबाइल) सीटी स्कैन मशीन मंगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मरीजों को मिलेगी राहत
इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्य के निर्देश पर जल्द ही इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह तकनीक सड़क हादसों में घायल, सिर की गंभीर चोट (हेड इंजरी) और वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। इससे अब आईसीयू, इमरजेंसी और वार्ड के मरीजों का सीटी स्कैन सीधे उनके बेड पर ही हो सकेगा, जिससे समय और जान दोनों बचेगी।
बेड की बढ़ेगी संख्या
इसके अलावा राज्य के बड़े अस्पतालों (जैसे एम्स ऋषिकेश, दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज) में आईसीयू बेड की भारी किल्लत को देखते हुए सरकार ने बेड बढ़ाने का फैसला किया है।वर्तमान में राज्य में आईसीयू, एचडीयू और ओटी बेड की संख्या करीब 3,000 है, जिसे बढ़ाकर 5,000 करने का लक्ष्य रखा गया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के मानकों के तहत अब मेडिकल कॉलेजों में कुल बेड के 25 फीसदी बेड गंभीर मरीजों (ICU/HDU/OT) के लिए रिजर्व रखे जाएंगे।