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उत्तराखंड: उत्तराखंड की माटी से जुड़ी फिल्म ‘पायर’, पलायन और रिश्तों की अनूठी दास्तान, राज्यपाल ने की सराहना

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उत्तराखंड: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के पलायन और बुजुर्ग दंपति के रिश्तों पर आधारित बहुचर्चित फिल्म ‘पायर’ की विशेष स्क्रीनिंग सोमवार को देहरादून के सेंट्रियो मॉल में आयोजित की गई।

राज्यपाल ने की सराहना

इस मौके पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने इस विशेष स्क्रीनिंग में फिल्म देखी और इसकी सराहना की। जानकारी के अनुसार इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक विनोद कापड़ी के साथ मुख्य कलाकार हीरा देवी और पदम सिंह कापड़ी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले 80 वर्षीय पदम सिंह कापड़ी (भारतीय सेना से सेवानिवृत्त) और 70 वर्षीय हीरा देवी उत्तराखंड के ही निवासी हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों कलाकारों ने फिल्म से पहले कभी कैमरे का सामना नहीं किया था। फिल्म में पदम सिंह ने अपने ही नाम का किरदार निभाया है, जबकि हीरा देवी ने एक विधवा, गृहिणी और पूर्व नृत्यांगना तुलसी की भूमिका अदा की है।
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​पलायन और रिश्तों की एक अनूठी कहानी

कुमाऊं हिमालय के एक सुदूर गांव की पृष्ठभूमि पर बनी ‘पायर’ एक ऐसे बुजुर्ग दंपति की मार्मिक कहानी है, जिनकी दुनिया उनका घर, यादें और एक-दूसरे का साथ है। उनके बच्चे बेहतर अवसरों की तलाश में गांव छोड़कर दूर जा बसे हैं। फिल्म के माध्यम से पलायन के चलते माता-पिता और बच्चों के बीच बढ़ती दूरियों और बदलती पारिवारिक परिस्थितियों को बेहद करीब से दर्शाया गया है। यह फिल्म अब तक 18 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम कर चुकी है, जिनमें 15 सर्वश्रेष्ठ फिल्म के पुरस्कार शामिल हैं। इसे वॉशिंगटन डीसी, शिकागो, कनाडा, स्पेन, बोस्टन, स्टटगार्ट, लंदन और बर्मिंघम के प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा सर्बिया और बोस्टन में फिल्म को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार भी मिला है।

इस दिन होगी रिलीज
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उत्तराखंड के विभिन्न पहाड़ी क्षेत्रों में फिल्माई गई यह फिल्म 14 से 17 अक्टूबर तक बेरीनाग, बागेश्वर और श्रीनगर गढ़वाल में भी दिखाई जाएगी। यह फिल्म आगामी 30 अक्टूबर को हिंदी और मलयालम भाषाओं में देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।

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