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उत्तराखंड: बदरीनाथ धाम में अब बिना अनुमति नहीं होंगे धार्मिक आयोजन, भंडारे और कथा, इस पर भी लगा पूर्ण प्रतिबंध

उत्तराखंड: उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इसी माह से शुरू होने जा रही है। वहीं विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम की पवित्रता और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नगर पंचायत ने कड़े नियम लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है।

यह कड़े नियम लागू करने की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां अब धाम क्षेत्र में किसी भी धार्मिक आयोजन, भंडारे या अस्थायी निर्माण के लिए प्रशासन की अनुमति अनिवार्य होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ₹50,000 तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। नगर पंचायत द्वारा तैयार नई उपविधियों (बायलॉज) के अनुसार भागवत कथा, भंडारा या किसी भी विशेष कार्यक्रम के लिए अब ऑनलाइन या ऑफलाइन अनुमति लेना जरूरी होगा। आयोजकों को सफाई और अन्य व्यवस्थाओं के लिए एक निर्धारित शुल्क (यूजर चार्ज) देना होगा। बिना अनुमति कार्यक्रम करने पर ₹50,000 तक का दंड भुगतना पड़ सकता है। धाम की मर्यादा बनाए रखने के लिए बदरीनाथ क्षेत्र में मांस लाने या ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया कि प्रशासन ने बताया कि इन नियमों को सुझावों और आपत्तियों के बाद गजट नोटिफिकेशन के लिए भेज दिया गया है। गजट जारी होते ही ये नियम तत्काल प्रभाव से पूरे धाम क्षेत्र में लागू हो जाएंगे।

नगर पंचायत ने तीन प्रमुख नियमावली तैयार की हैं

• ​मांसाहार परिवहन एवं उपयोग प्रतिबंध उपविधि 2026।
• ​झोपड़ी एवं अस्थायी आवास नियंत्रण एवं स्वच्छता उपविधि।
• ​भंडारा, भागवत एवं विशेष कार्यक्रम नियंत्रण उपविधि।

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