October 22, 2021

उत्तराखंड रोडवेज: दूसरे राज्यों के लिए बस सेवाएं पूरी तरह बंद 

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उत्तराखंड रोडवेज का अंतरराज्जीय परिवहन पूरी तरह से बंद ।

उत्तराखंड रोडवेज का अंतरराज्जीय परिवहन पूरी तरह से बंद हो गया है। लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण और अन्य राज्यों की सीमा में प्रवेश सम्बंधित बंदिशों की वजह से यह फैसला लिया गया है। अब केवल राज्य के भीतर ही सीमित स्तर पर रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। यूपी में लॉकडाउन चल रहा है। वहां सार्वजनिक परिवहन बंद हैं। जिसके चलते, पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाली बसों का संचालन बंद कर दिया था। कुछ दिन पहले यूपी ने दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, लखनऊ, बरेली, आगरा, कानपुर समेत विभिन्न शहरों तक जाने वाली उत्तराखंड की रोडवेज की बसों को अपनी सीमा से वापस लौटाया। इस वजह से उत्तराखंड रोडवेज की चंडीगढ़ को छोड़ कर यूपी और यहां से होकर अन्य राज्यों में जाने वाली बसें बंद कर दी गई थीं। इसके बाद उत्तराखंड रोडवेज प्रबंधन ने यूपी से जाने वाली बसों का संचालन रोक दिया था। अब चंडीगढ़ और हिमांचल ने भी अंतरराज्यीय परिवहन पर रोक लगा दी है। ऐसे स्थिति में यहाँ उत्तराखंड रोडवेज की बसों का संचालन ठप हो गया है। ।

राज्य के भीतर रोडवेज बस संचालन के लिए भी तय की गईं सीमाएं

उत्तराखंड परिवहन निगम की कई बसों का संचालन पूरी तरह थम चुका है। निगम प्रबंधन के अनुसार, अब केवल राज्य के भीतर ही यात्रियों की उपलब्धता और कोविड नियमों के आधार पर बसों का संचालन किया जाएगा। उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन एवं तकनीकी) दीपक जैन ने साफ़ बताते हुए कहा है कि फिलहाल प्रदेश के जिस जिले के लिए यात्री होंगे, केवल वहीं की बसें चलायी जाएंगी।

गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के बीच भी बसों का संचालन हुआ ठप ।

गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के बीच भी बसों का संचालन ठप हो गया है। दरअसल, गढ़वाल और कुमाऊं के बीच यूपी का कुछ क्षेत्र आता है, जिस कारण दोनों मंडलों के बीच भी संचालन थम गया है इससे रोडवेज की इनकम में भारी गिरावट आई है। अब दोनों मंडलों के भीतर जो बसें चल रही हैं, उनमें सवारियों की संख्या बहुत कम है और वेतन और डीज़ल का खर्च उठाने में सक्षम नही है। इस वजह से चार महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। पिछले साल लॉकडाउन अवधि में भारी नुकसान झेलने के बाद इस बार कोरोना कर्फ्यू ने निगम की आय को चौपट कर दिया है। अन्य सभी राज्यों के लिए बस संचालन पूरी तरह से बंद हो चुका है। जबकि राज्य के भीतर भी केवल औपचारिक तौर पर ही रोडवेज की बसों का संचालन हो रहा है।

प्रदेश सरकार से  कम से कम 500 करोड़ रुपये का राहत पैकेज निगम को दी जाने की,की गयी मांग

निगम को सरकार से मदद की उम्मीद के चलते उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि परिवहन निगम की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है और यदि अब सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली, तो परिवहन निगम को कोई भी राहत मिल पाना संभव नहीं है। अभी यह भी सुनिश्चत नहीं है कि कितने समय तक रोडवेज की बसों का संचालन सुचारु रूप से हो पाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि कम से कम 500 करोड़ रुपये का राहत पैकेज निगम को दिया जाए। सरकार चाहे तो इसके बदले में वह निगम की अनुपयोगी जमीनों को ले सकती है और उसको आम जनता के दूसरे जरुरी कामों के लिए उपयोग में ला सकती है।