उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ-मलारी मार्ग पर बीते कुछ दिनों पहले एक जली कार के अंदर महिला का जली हुई अवस्था मे शव मिला था। वहीं साथ में रहें युवक की तलाश की जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने बड़ी जानकारी दी है।
भाई का शव भी बरामद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने मृतक महिला के भाई का शव भी तपोवन के समीप एक खाई से गुरुवार को बरामद किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। इस संबंध में पुलिस ने जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक 6 अप्रैल को श्वेता पदमा सेनापति नामक एक महिला का शव तपोवन के समीप चाचड़ी गांव के पास जली कार के अंदर से जली हुई अवस्था में मिला था। उसके साथ घूम रहा उसका भाई सुनील सेनापति लापता थी। जिसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस को जली हुई कार से लगभग 400 मीटर दूर खाई में सुनील का शव मिला जिसे भारत तिब्बत सीमा पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल की सहायता से बाहर निकाला गया। कार के पास से कर्नाटक के रजिस्ट्रेशन वाली एक नम्बर प्लेट भी मिली थी जिसके आधार पर महिला की शिनाख्त श्वेता पदमा सेनापति के रूप में हुई। यह भी जानकारी मिली कि उसके साथ उसका भाई भी था। स्थानीय लोगों ने बताया था कि कर्नाटक राज्य से पंजीकृत मारुति रिट्ज कार संख्या केए 01 एजी 0590 में एक युवक और युवती दिखे थे। दोनों घूमते हुए दिखे थे।
रिश्तेदारों से पता चली यह बात
रिपोर्ट्स के मुताबिक श्वेता सेनापति और सुनील सेनापति ओडिशा के रायगढ़ के रहने वाले थे। ये दोनों करीब 15-16 साल पहले विशाखापट्टनम शिफ्ट हुए थे। विशाखापट्टनम में दोनों बिजनेस करते थे, लेकिन बिजनेस में भारी नुकसान होने की वजह से उनकी पारिवारिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। इसके बाद वे बेंगलुरु गए। पुलिस को जांच के दौरान, इनके बेंगलुरु के होने का पता चला जिसके बाद एक टीम बेंगलुरु भेजकर उनके रिश्तेदारों से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि दोनो भाई-बहन आर्थिक रूप से कंगाल थे और अक्सर किसी न किसी से पैसे उंधार मांगते रहते थे। वे लोगों से फोन पर कहते थे कि हमारी स्थिति खराब है और हम आत्महत्या भी कर सकते हैं इसलिए हमारी मदद करो। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि मामले की जांच की जा रही है।