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उत्तराखंड: भव्य रूप से निकाली जाएगी सिद्धपीठ कालीमठ की दिवारा यात्रा, धार्मिक और पौराणिक दिवारा यात्राओं में खास महत्व

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग में सिद्धपीठ कालीमठ की दिवारा यात्रा निकाली जाएगी। जो भव्य रूप से आयोजित होगी।

प्रत्येक 12 वर्षों में होने वाली खास परंपरा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड की धार्मिक और पौराणिक दिवारा यात्राओं में कालीमाई की दिवारा यात्रा का अपना खास महत्व है। इस यात्रा का शुभारंभ मां भगवती के अपने गोठ (गांवों) से होगा। यह यात्रा प्रारंभ होने वाले वर्ष से अगले पांच वर्षो तक निरंतर जारी रहेगी। कालीमठ क्षेत्र में स्थित छह गांव के लोगों की देखरेख में इस दिवारा यात्रा का आयोजन होता है। कालीमठ के साथ-साथ कविल्ठा, व्युंखी, जग्गी बागवान, बेडुला और कुंजेठी नामक छह गाँव के लोग इस आयोजन में भाग लेते हैं। सिद्धपीठ कालीमठ की दिवारा यात्रा ( देवर यात्रा) हर साल दिसंबर माह में आयोजित होती है, जिसमें कालीमठ सहित छह गाँव के लोग उत्साह से भाग लेते हैं। बताया कि इस यात्रा का शुभारंभ मां भगवती के अपने गोठ (गांवों) से होगा। यह यात्रा प्रारंभ होने वाले वर्ष से अगले पांच वर्षो तक निरंतर जारी रहेगी। इस दीर्घकालीन यात्रा के बाद पवित्र त्रिवेणी संगम पर स्नान कर महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद मां भगवती पुनः अपने मंदिर में विराजमान होंगी।

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