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उत्तराखंड: दयारा बुग्याल से गायब छात्रा: 38 दिनों बाद भी सुराग नहीं, खोजबीन जारी

उत्तराखंड: प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से कुछ दिनों पहले रहस्यमय ढंग से लापता हुईं रामनगर (नैनीताल) की एमबीए छात्रा बबीता पांडे की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है।

अब तक सुराग नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जो पिछले 29 मई की रात से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता है। बबीता अपने दो दोस्तों—हरपाल सिंह (उधम सिंह नगर) और हरमनप्रीत (शाहजहाँपुर, यूपी) के साथ घूमने निकली थी। देहरादून, हरसिल और गंगोत्री घूमने के बाद तीनों रायथल गाँव पहुंचे। वहाँ से दयारा बुग्याल ट्रेक के दौरान वे रात बिताने के लिए गोई बेस कैंप में रुके थे, जहाँ से बबीता आधी रात को अचानक गायब हो गई। ड्रोन कैमरों से लेकर हेलीकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन बबीता छोड़िए, 38 दिनों से उनसे जुड़ा कोई सुराग तक हाथ नहीं लगा है। बबीता के लापता होने के बाद से सोशल मीडिया (इंटरनेट मीडिया) पर कई तरह की अंधविश्वासी बातें और अफवाहें तैर रही हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि दयारा बुग्याल में ‘परियों’ ने छात्रा का हरण कर लिया है।

​फर्जी परमिट का खुलासा

जांच में पर्यटन विभाग को एक बड़ी धोखाधड़ी का पता चला है। जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी के अनुसार, ‘प्रो माउंटेन’ नामक ट्रेकिंग एजेंसी ने बबीता और उसके दोस्तों को आधिकारिक पोर्टल पर कोई वैध डिजिटल परमिट जारी नहीं किया था। एजेंसी ने खत्म हो चुके पुराने परमिट पर बबीता का नाम चिपकाकर फर्जीवाड़ा किया और चेकपोस्ट को धोखा दिया। इस जालसाजी के कारण शुरुआत में बचाव दल को सही जानकारी मिलने में देरी हुई, जिसके बाद प्रशासन ने एजेंसी का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया है।

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