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उत्तराखंड छात्रसंघ चुनाव: उत्तराखंड में एबीवीपी की एकतरफा लहर, 110 से अधिक कॉलेजों में लहराया परचम, सीएम धामी ने दी बधाई

उत्तराखंड: उत्तराखंड के महाविद्यालयों में मंगलवार को संपन्न हुए छात्रसंघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए अधिकांश सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है।

छात्रसंघ चुनाव

जिसमें प्रदेश के 110 से अधिक कॉलेजों में एबीवीपी के प्रत्याशियों ने अध्यक्ष, महासचिव और अन्य प्रमुख पदों पर परचम लहराया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस चुनाव में कई जगहों पर एबीवीपी और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जबकि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) अधिकांश परिसरों में तीसरे स्थान पर खिसक गई।
​133 महाविद्यालयों में हुआ मतदान

​प्रदेश भर के 119 राजकीय और 14 सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय परिसरों में छात्रसंघ चुनाव आयोजित किए गए।
• ​देहरादून (डीएवी पीजी कॉलेज): राजधानी के सबसे प्रतिष्ठित डीएवी पीजी कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नवदीप राणा ने जीत दर्ज की। उन्होंने एनएसयूआई के सौरभ सेमवाल को पराजित किया।
• ​एमबीपीजी कॉलेज मसूरी: मसूरी में भी एबीवीपी ने अध्यक्ष, महासचिव और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि समेत तीनों प्रमुख पदों पर कब्जा जमाया।
• ​डीबीएस कॉलेज: यहाँ अध्यक्ष पद एनएसयूआई और सचिव पद निर्दलीय प्रत्याशी के खाते में गया।
• ​एसजीआरआर पीजी कॉलेज: यहाँ एबीवीपी के तीन प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे।
​गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आंकड़े

​गढ़वाल मंडल:
• ​टिहरी (13 कॉलेज): अध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने 6, एनएसयूआई ने 4 और निर्दलीयों ने 3 सीटों पर जीत हासिल की।
• ​उत्तरकाशी (6 कॉलेज): एनएसयूआई और ओम-आर्यन ग्रुप ने 2-2, जबकि एबीवीपी और निर्दलीय को 1-1 अध्यक्ष पद मिला।
​कुमाऊं मंडल:

कुमाऊं में एबीवीपी और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर रही। मंडल के कुल 46 महाविद्यालयों में से अध्यक्ष पद पर:
• ​एबीवीपी: 21 कॉलेज
• ​निर्दलीय: 19 कॉलेज
• ​एनएसयूआई: 06 कॉलेज
​सीएम धामी ने दी बधाई

​जीत के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ विजय जुलूस निकाला और जश्न मनाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “प्रदेश के महाविद्यालयों में हुए छात्रसंघ चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने पर एबीवीपी के सभी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई। युवाओं की इस हुंकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देवभूमि की युवाशक्ति राष्ट्रवादी विचारधारा और छात्रहित के प्रति समर्पित संगठन के साथ खड़ी है, न कि ‘झूठ की गूंज’ से भ्रमित करने वाली सोच के साथ। यह परिणाम विरोधी ताकतों के लिए स्पष्ट संदेश है।”

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